Pinnacle D Dreams नाम का प्रोजेक्ट M/s JSM Devcons Pvt. Ltd. ने सन 2011 में शुरू किया था 11:30 एकड़ के इस प्रोजेक्ट में कल 11 टावर बनने थे, सन 2016 तक 6 टावर आधे अधूरे बने और उसके बाद में कंपनी के डायरेक्टर प्रोजेक्ट को अधूरा छोड़कर भाग गए. उसके बाद ठगे गए ग्राहकों ने एक संघर्ष समिति बनाकर श्री सांवरलाल शर्मा, सेवानिवृत्ति नौसेना अधिकारी के नेतृत्व में अदालत का रुख किया. कानूनी कार्रवाई के बीच में ही किसी अन्य ऋण दाता ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में दीवाल शोध प्रक्रिया शुरू कर दी. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने एक इंसॉल्वेंसी प्रोफेशनल को नियुक्त किया, यद्यपि इसकी कार्य प्रणाली से लेनदारों की समिति संतुष्टि नहीं थी और उसे हटाकर इंदौर निवासी दूसरे इंसॉल्वेंसी प्रोफेशनल छाया गुप्ता की नियुक्ति नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल द्वारा नवंबर 2022 में की गई .
फ्लैट खरीदारों की ओर से दिल्ली के एडवोकेट नीरज गुप्ता को अपना वकील नियुक्त किया गया जिन्होंने पुराने इंसॉल्वेंसी प्रोफेशनल को हटाकर नए इंसॉल्वेंसी प्रोफेशनल के नियुक्ति में और लेनदारों की समिति में गलत तरीके से जोड़े गए M/s Ahoka Hi-Tech Builders Pvt. Ltd को हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष संजय कुंद्रा और नीरज गुप्ता की टीम ने छाया गुप्ता के साथ पूरे प्रक्रिया को पटरी पर लाने में और किसी नए बिल्डर के माध्यम से प्रक्रिया को पूर्ण करने का बीड़ा उठाया और इस मार्ग में आने वाली सभी समस्याओं को एक-एक करके हल किया. मुंबई के बिल्डर Devvrat Developers Private Limited ने जब समाधान योजना के लिए आवेदन किया, तब फ्लैट खरीदारों की ओर से संजय कुंद्रा और नीरज गुप्ता की टीम ने उनके हितों की रक्षा के लिए बात की और यह सुनिश्चित किया के फ्लैट खरीदारों को उनके घर बिना किसी अतिरिक्त कीमत के मिले.
Devvrat Developers Private Limited ने अगस्त 2023 में अपनी समाधान योजना प्रस्तुत की जिसके अनुसार सभी फ्लैट खरीदारों को उनके फ्लैट बिना किसी अतिरिक्त लागत के दिए जाने का प्रस्ताव रखा जो की फ्लैट खरीदारों ने स्वीकार किया और लेनदारों की समिति ने भारी बहुमत से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.
इसके पश्चात 5 अप्रैल 2024 को माननीय नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने लेनदारों की समिति द्वारा पारित समाधान योजना को मंजूरी दे दी और अब इस प्रकार फ्लैट खरीदारों को एवं अन्य लेनदारों को भी समाधान योजना के अनुसार उनकी लेनदारियां प्राप्त करने का रास्ता खुल गया है.
इस लंबी लड़ाई में कुछ बातें सीखने योग्य हैं सबसे पहले की कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए खरीदारों के बीच एकजुटता बहुत जरूरी है, इस पूरी प्रक्रिया में खरीदारों ने पूरी तरह से संजय कुंद्रा जी के नेतृत्व को स्वीकार किया और उनकी एक आवाज पर उनके कहे अनुसार वोटिंग की. दूसरा, खरीदारों के वकील नीरज गुप्ता ने जिस तन्मयता और समर्पण के साथ कदम कदम पर खरीदारों के हित की रक्षा के लिए उनके साथ दिया वह भी प्रशंसनीय है. तीसरा, रेजोल्यूशन प्रोफेशनल छाया गुप्ता ने पूरी जिम्मेदारी और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए अपना काम किया. और चौथा, Devvrat Developer के द्वारा फ्लैट खरीदारों के समस्याओं को ध्यान में रखकर के लाई गई समाधान योजना भी कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है.
एक अन्य बहुत ही महत्वपूर्ण बात यह है RPS Infrastructure ke case ke maddenajar कि वह सारे खरीदार जिन्होंने समय से अपना क्लेम नहीं फाइल किया, उन सभी के क्लेम खारिज हो गए . इसलिए खरीदारों का जागरूक होना और समय पर अपने अधिकारों का प्रयोग करना बहुत ही महत्वपूर्ण है.
Sanjay Kundra
9926499274
