46 हजार से ज्यादा नशीली गोलियों के साथ एक गिरफ्तार, जांच में जुटी पुलिस

By Abhishek Raghuvanshi
2 Min Read

प्रतिबंधित एल्प्राजोलम की 46 हजार 200 टैबलेट बरामद की है। कस्टम डिप्टी कमिश्नर दिनेश बिसेन के अनुसार गोपनीय सूचना के आधार पर विभाग ने कार्रवाई की।
प्रतिबंधित एल्प्राजोलम की 46 हजार 200 टैबलेट बरामद की है।

इंदौर कस्टम विभाग ने नशे की तस्करी के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। कस्टम कमिश्नरेट इंदौर ने विशेष ऑपरेशन में नशे की गोलियों की बड़ी खेप ले जाते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। इंदौर कस्टम के अधिकारियों ने उज्जैन रिंग रोड जाकर कार्रवाई की।

प्रतिबंधित एल्प्राजोलम की 46 हजार 200 टैबलेट बरामद की है। कस्टम डिप्टी कमिश्नर दिनेश बिसेन के अनुसार गोपनीय सूचना के आधार पर विभाग ने कार्रवाई की। एक्टिवा स्कूटर पर उज्जैन की ओर जाते हुए रिंग रोड से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।

बरामद गोलियों की मात्रा कमर्शियल मात्रा की 50 गुना है। नशीली दवा की मात्रा 5.08 किलो ग्राम है। इस प्रकरण में एनडीपीएस एक्ट में 10 से 20 वर्ष के कारावास का प्रविधान है। कस्टम ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) की मदद भी कार्रवाई में ली। संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार कर उज्जैन जिला कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

- Advertisement -

दवा का उपयोग नशे में
अल्प्राजोलम टैबलेट आमतौर पर जेनेक्स नाम से नशाखोरों द्वारा उपयोग की जाती है। इसे दवा के रूप में अवसाद और मानसिक स्थिति के उपचार में काम में लिया जाता है।
हालांकि नशाखोर इसका उपयोग रिक्रिएशन ड्रग के तौर पर करते हैं। यह लत लगाने वाली दवा है। रेव पार्टियों के साथ इसे धोखे से खिलाई जाने वाली ड्रग भी कहा जाता है। इसके भंडारण, बिक्री व उपयोग के लिए सख्त कानून बने हुए हैं।

Exit mobile version