27 लाख वसूलने का मामला:वसूली गिरोह में शामिल 8 पुलिस वालों की अब विभागीय जांच होगी

By Abhishek Raghuvanshi
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घर में अवैध पिस्टल रखी होने के नाम पर युवक, उसकी पत्नी, साले व दोस्तों को धमकाकर 27 लाख रुपए की वसूली करने वाले 8 दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ अफसरों ने विभागीय जांच की तैयारी कर ली है। इधर, गिरोह में पुलिस वालों से साथ शामिल गब्बर और यश वर्मा पर जल्द ही सख्त कार्रवाई की तैयारी हो चुकी है। इनके खिलाफ और भी मामलों में अफसरों तक वसूली की शिकायतें पहुंची हैं। उन्हें भी जांच रहे हैं। पीड़ित अनिल पाटीदार की शिकायत पर एसीपी परदेशीपुरा ने जांच की। इसके बाद अनिल ने सूचना के अधिकार में जांच रिपोर्ट लेकर सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आवेदन दिया है। डीसीपी जोन-2 अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि पूरे मामले में एसीपी की रिपोर्ट का रिव्यू करने के साथ ही दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच की कार्रवाई भी करेंगे। उधर, पीड़ित अनिल पाटीदार ने भास्कर को बताया कि इन लोगों ने मिलकर मेरा सबकुछ बर्बाद कर दिया। मालूम हो इससे पहले भी वसूली से जुड़े मामले आ चुके हैं। ऐसे ही एक मामले में होटल पर कार्रवाई के दौरान जब कैश नहीं मिला था तो कुछ जवानों ने पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए थे। इस मामले की भी शिकायत हुई थी। इसके बाद जवानों पर कार्रवाई हुई थी।
यश वर्मा के साथ सक्रिय था गिरोह
अब तक की जांच में ये बात सामने आई है कि एवजी गब्बर शहरभर से इसी तरह के संदेही पकड़कर लाता और वसूली गिरोह में शामिल हेड कांस्टेबल नीरज गुर्जर, पप्पू परमार, जितेंद्र सेन, सैनिक प्रवीण को सौंपता था। कई बार तो ये अलग-अलग थानों से या स्थानों से सटोरियों, वसूलीबाजों या संदेही लोग जिनका अपराध से संबंध होता था, उन्हें पुलिस वाला बनकर खुद ही एसीपी कार्यालय लाकर धमकाता था फिर वसूली कर छोड़ देता था। एसीपी कार्यालय के अन्य लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगने देता था।

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