- झलारिया के सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाली मोनिका वर्मा की इंदौर के खजराना स्कूल में लगी थी ड्यूटी। सात दिन चले इलाज के बाद दम तोड़ा।
इंदौर। 32 वर्षीय मोनिका वर्मा की सड़क हादसे में मौत हो गई। परीक्षा केंद्र जाते वक्त जीप से टक्कर हुई थी। सिर में चोट लगने से कोमा में चली गई थी। हालत में सुधार भी हुआ, लेकिन सोमवार को अचानक तबीयत बिगड़ी और दम तोड़ दिया।
बीमा अस्पताल परिसर देवास निवासी मोनिका शासकीय स्कूल झलारिया में पदस्थ थी। वह बस से आना-जाना करती थी। 19 फरवरी को 10वीं की परीक्षा में ड्यूटी लगी थी। सुबह पहुंचने में देरी न हो इसलिए मोनिका सुखलिया में रहने वाले मामा के घर रुक गई। सुबह करीब पौने आठ बजे वह एक्टिवा लेकर घर से निकल गई। जैसे ही रोबोट चौराहा के पास पहुंची, तेज रफ्तार जीप (थार) ने टक्कर मार दी।
शोरूम के गार्ड ने दी पुलिस को सूचना
टक्कर एक कार शोरूम के सामने हुई थी। शोरूम के गार्ड ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मोनिका के मोबाइल में इमरजेंसी कॉल में मां का नंबर सेव था। एक युवती ने मां को कॉल कर बताया कि मोनिका घायल हो गई। उसे उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया।
सिर में लगी थी गहरी चोट
मोनिका के सिर में गहरी चोट लगी थी। डाक्टर ने उसे वेंटिलेटर पर रखा था। हालत में सुधार भी हो गया था, लेकिन सोमवार को अचानक ज्यादा तबीयत बिगड़ी और मोनिका की मौत हो गई। रिश्तेदार के मुताबिक, मोनिका के पिता अशोक वर्मा का निधन हो चुका है। परिवार में दो भाई और एक बहन है।
