✓लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले झारखण्ड राँची के रहने वाले शातिर साईबर आरोपी को थाना राऊ पुलिस की कार्यवाही में किया गिरफ्तार ।

By Abhishek Raghuvanshi
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✓आरोपी ने इन्दौर मे रहकर की है अपनी स्नातक की डिग्री ।

✓अपने हम उम्र के आस पास रहने वाले लड़को को दोस्त बनाकर उनके एवं उनके परिजनों के क्रेडिट कार्ड लेकर लिमिट बढाने तथा लोन कराने का बोलकर स्वयं के अकाउंट में पैसा डालकर करता था धोखाधड़ी ।

✓आरोपी को वारदात को अंजाम देकर, निकलने की फिराक से पूर्व ही थाना राऊ पुलिस ने किया गिरफ्तार।

✓लगभग सात लाख रुपये की राशि की धोखाधड़ी को किया ट्रेस ।

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✓आरोपी से क्रेडिट कार्ड, एटीएम काड, चैक, दस्तावेज, मोबाईल, स्वेप मशीन, टेलिकाम फोन, विभिन्न बैंको की बनी हूई सील-04 मौके से जप्त ।

…..लगातार बढ़ रहे साईबर क्राईम को देखते हूवे श्रीमान पुलिस कमिश्नर महोदय श्री राकेश गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त महोदय श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव द्वारा समस्त झोन के पुलिस उपायुक्त एवं थाने की टिमों को त्वरित कार्यवाही हेतू निर्देशित किया गया, जिसके परिपालन में पुलिस उपायुक्त महोदय झोन- 1 श्री आदित्य मिश्रा के मार्गदर्शन में अति. पुलिस उपायुक्त महोदय झोन-1 श्री आलोक शर्मा एवं सहायक पुलिस आयुक्त महोदय श्रीमती रुबीना मिजवानी के निदेशन में थाना प्रभारी राऊ निरीक्षक राजपाल सिंह राठोर की टिम द्वारा झारखण्ड के रहने वाले शातिर अपराधी को पुलिस गिरफ्त में लिया गया है।

घटना क्रमः (1),

इस प्रकार है कि आरोपी अमनदिप पलाश परिसर कालोनी राऊ में किराये के फ्लेट में रहकर स्वयं को बैंक में जाँब होने का बोलकर लोगो को लोन दिलाने के बहाने से विश्वास में लेकर लोगों से दस्तावेज लेकर धोखाधड़ी करता है। आवेदक अभिषेक को नये साल में गोआ घुमने जाने के लिये फ्लाईट का टिकट बुक कराने के लिये अभिषेक के क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर 48846/- किसी अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिये एवं आवेदक के मोबाईल का उपयोग पे टीएम एप से आवेदक की माँ का पर्सलन लोन 280000/- रुपये कर दिया एवं अमनदिप ने स्वयं का मोबाईल नंबर एड कर दिया जिससे आवेदक अभिषेक को ट्राँजेक्शन के संबंध में कोई अलर्ट मैसेज नही मिले। इसी प्रकार अपने मोबाईल से लोन सेंशन लेटर को एडिटिंग कर फर्जी तरीके से तैयार पीडीएफ बनाकर लोन सेंशन होने का बोलकर पैसे लेता था। आरोपी द्वारा उक्त रुपया अपने क्रेडिट कार्ड के अकाउंट, उत्कर्ष स्माल फाईनेंस बैंक में क्यूआर बार कोड से जमा करना बताया। साथ ही अन्य लोगो सचिन सेन, योगेश चायवाला, और संतोष सोनी के साथ भी लोन कराने का बोलकर धोखाधड़ी की है।

घटना क्रमः- (2)

आवेदक निखिल प्रजापति से आरोपी अमनदिप ने बैंक खाता फ्रिज होने से मेरे कुछ पैसे आने वाले है तेरे खाते में डलवा रहा हूँ मुझे निकालकर दे देना बोलकर करिब 300000/- तीन लाख रुपये अलग अलग बार में खाते निखिल के खाते में डलवाये और निखिल प्रजापित से रुपये ले लिये आवेदक को 03 जनवरी को मोबाईल नंबर पर क्रेडिट बी फाईनेंस कंपनी का मैसेज आया कि आपके बैंक लोन की किश्त ओव्हर ड्यू हो गया है। तब सिविल पैसा बाजार एप पर चैक किया तो पता चला कि आवेदक के नाम पर अलग अलग बैंक करिब 12 नाम पर लोन एप्रुवल हूए है जब समझ आया कि अमनदिप ने मोबाईल का उपयोग करके मेरे साथ धोखाधड़ी करी है। इसी तरह आरोपी अमनदिप ने इंश्योरेंस पाँलिसी निवा बुपा हेल्थ इंश्योरेंस की पीडीएफ फाईल व्हाट्स एप की थी निवा बुपा की आँफिशियल साईट पर सर्च करी तो मुझे भेजी गई पाँलीसी नंबर की कोई जानकारी नहीं मिली। अंकित पाटीदार ने कथन पर बताया कि मैंने अमनदिप से क्रेडिट कार्ड सेटलमेंट कराने के लिये कहा था तो अमनदिप ने मुझसे पैन कार्ड, आधार कार्ड पूछा तो मैंने दिखाया फिर किसी को फोन लगाकर बोले कि इनका क्रेडिट चैक करके बताओ और फोन पर ही अमनदिप बोला कि इनका एक 20000/- और एक 21000/- का सेटलमेंट कर दो फिर अमनदिप ने बोला कि मेरे वालेट से पैसा कट गया है।आप मुझे पेमेंट कर दो तो मैंने कोटक का क्रेडिट कार्ड से अमनदिप को पैसा दिया अमनदिप ने मेरे क्रेडिट कार्ड का नंबर लेकर अपने मोबाईल से कोई प्रोसेस की तो मेरे पास एक ओटीपी आया अमनदिप ने पूछा तो मैंने ओटीपी बता दिया जिसके बाद मेरे कोटक बैंक के क्रेडिट कार्ड से 29918/- रुपया कटने का मैसेज आया ।

आरोपी अमनदिप के विरुध्द अपराध क्रमांक 93/24 धारा 420,406 एवं अपराध क्रमांक 94/24 धारा 420,406भादवि का पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया।

विवेचना के दौरानः- वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा टीम को निर्देशित किया गया टीम को बारीकी से तकनिकी साक्ष्य संकलित करने हेतू निर्देशित किया गया थाना राऊ की पुलिस टीम के द्वारा साईबर सेल की मदद से फरार होने के पूर्व ही गिरफ्त में ले लिया गय एवं आरोपी से पूछताछ करने पर बताया कि वह झारखण्ड राँची का रहने वाला है एवं पिछले तीन वर्षो से किराये के मकान बदल बदल कर आस पास रहने वाले छात्रो एवं प्राईवेट सेक्टर में करने वालो से दोस्ती कर क्रेडिट कार्ड लेकर लोन दिलाने का बोलकर धोखाधड़ी करता है। आरोपी द्वारा बताया कि वह लोगो के क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर रुपया अपने क्रडिट कार्ड खाते में एवं अपने उत्कर्ष स्माल फाईनेंस के खाते में, पे टीएम खाते में जमा कर लेता था। और अपने उपयोग में लेता था।

आरोपी के कब्जे से -आरोपी से क्रेडिट कार्ड, एटीएम कार्ड, चैक, दस्तावेज, मोबाईल, स्वेप मशीन, टेलिकाम फोन, विभिन्न बैंको की बनी हूई सील-04, प्रिंटर , लेपटाप मौके से जप्त किया गया है।

सराहनीय भूमिकाः- निरीक्षक राजपालसिंह राठौड़ थाना प्रभारी राऊ, उप निरीक्षक प्रवीण जाधव, सउनि. रोशन भूरिया, प्र.आर. क्र. 315,अजय सिंह चौहान . प्र.आर. 2726 बलराम चौहान , प्र.आर. 3285 सुरेश लश्करी आर. 281 शमंक का योगदान रहा।

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