देवी अहिल्याबाई होल्कर त्रिशताब्दी जयंती समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव पहुंचे कार्यक्रम में संत समाज सहित विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की पद्मश्री निवेदिता भिड़े मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुई। वही मोहन यादव ने अपने संबोधन के दौरान कहां की हमारे बीच में सुमित्रा महाजन है। जो हमारी ताई है वह ऐसे रूप में है जो जहां जाती हैं वहां माता अहिल्या का स्मरण नहीं हो ऐसा हो नहीं सकता है वही कहां की आचार संहिता चल रही है और इस आचार संहिता के चलते में कोई घोषणा नहीं कर सकता हूं लेकिन यह विश्वास दिलाता हूं कि जिस कार्यक्रम की शुरुआत आज हुई है यह एक भव्य स्वरूप लेगा….. मां अहिल्या का भाव ऐसा था कि वह प्रदेश ही नहीं देश के लिए यह सोचती थी कि कोई भी भूखा नहीं सोना चाहिए। मां अहिल्या के जीवन काल को लेकर जल्दी एक पुस्तक भी शिक्षा नीति के अंदर शामिल की जाएगी। वही मीडिया से चर्चा के दौरान कहां की मुझे इस बात का गर्व है कि मध्य प्रदेश से साम्राज्य की नक्षत्र की तरह चमकने वाली वाली मां अहिल्या देवी जिसने अपने शासन चलाया और शासन के माध्यम से संस्कृति को भी धरोहर के रूप में रखाहै और खास तौर पर सनातन धर्म की देवस्थानों का को उनके शासन काल में जीर्णोद्धार कराया हू । बल्की घाट अन्य क्षेत्र धर्मशालाएं वह सभी प्रकार की व्यवस्थाओं के लिए पूरा 28 साल का उनका शासन काल रहा है इस प्रकार जिस प्रकार से उन्होंने जीवन दिया है वह आज भी आदर्श है ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार की ओर से जैसे हर संहिता खत्म होगी पूरे साल उनके आयोजन चलेंगे इसकी भी योजना बनाईं हे
