माता-पिता के ठहरने पर भी देना पड़ता है पहचान पत्र, ब्वायज हास्टल में रुकवाया लड़की को

By Abhishek Raghuvanshi
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  • आशंका है कि दोनों सस्ते लाज में रुक सकते हैं। कोटा पुलिस हास्टल, होटल, लाज और ढाबों पर छानबीन कर रही है।
  • अपहरण की साजिश कर रुपये मांगने वाली छात्रा का तीसरे दिन भी पता नहीं चला।
  • राजस्थान पुलिस भंवरकुआं क्षेत्र के हास्टल और बाहरी क्षेत्र के होटल, ढाबों पर छानबीन कर रही है।

इंदौर। छात्रा के अपहरण की गुत्थी सुलझने के बाद कई तथ्य सामने आए हैं। जहां हास्टल के एक ही कमरे में छात्रा और ब्वायफ्रेंड ठहरा था। पुलिस जांच में दोनों की लोकेशन अलग-अलग हास्टल में मिली है। नियमानुसार हास्टल में विद्यार्थी के माता-पिता व स्वजन को ठहरने के लिए भी पहचान पत्र दिखाना होता है। वैसे ब्वायज हास्टल में लड़की और गर्ल्स हास्टल में लड़कों को रुकने की अनुमति नहीं रहती है। प्रशासन ने हास्टल चलाने के लिए नियम बना रखे हैं। हास्टल संचालक थोड़े से मुनाफे के चलते धज्जियां उड़ते रहते हैं। वहीं जिम्मेदार अफसर हास्टलों का दौरा नहीं करते हैं। इस कारण संचालकों की लापरवाही बढ़ने लगी है।

थोड़े से मुनाफे में हास्टल संचालक नियमों की उड़ा रहे धज्जियां
इंदौर में सात हजार से ज्यादा गर्ल्स व ब्वायज हास्टल हैं। नियमानुसार गर्ल्स हास्टल में लड़कों को और ब्वायज हास्टल में लड़कियों को ठहरने की अनुमति नहीं है। यहां तक कि माता-पिता को ठहराने के लिए भी पहचान पत्र देना होता है। यह व्यवस्था सिर्फ लड़कियों के छात्रावास में रहती है। वैसे भी लड़कों के रूम में किसी भी लड़की का प्रवेश नहीं रहता है। यहां हास्टल संचालक की बड़ी लापरवाही सामने आई है।

हर साल शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले हास्टल को लेकर गाइडलाइन बनाई जाती है। प्रशासनिक अधिकारी इसके लिए हास्टल एसोसिएशन के पदाधिकारियों से चर्चा भी करते हैं, मगर दिशा-निर्देश सिर्फ बैठक तक सिमट कर रह जाते हैं। वैसे हास्टल की गतिविधियों को लेकर बीते कुछ सालों से रहवासी भी विरोध करते हैं। इसके लिए बार-बार नियम भी बदलते हैं, मगर इनका पालन करता एक भी हास्टल नजर नहीं आता है। छात्रा काव्या धाकड़ के अपहरण के दौरान भी यह लापरवाही सामने आई है। जहां बिना पहचान पत्र जमा करवाए काव्या और उसके ब्वायफ्रेंड को ठहराया गया, जो बिलकुल गलत था, क्योंकि लड़कों के हास्टल में लड़की नहीं रुक सकती है।

फर्जी अपहरण कांड में छात्र-छात्रा को होटल और लाज में तलाश रही पुलिस
अपहरण की साजिश कर रुपये मांगने वाली छात्रा का तीसरे दिन भी पता नहीं चला। राजस्थान पुलिस भंवरकुआं क्षेत्र के हास्टल और बाहरी क्षेत्र के होटल, ढाबों पर छानबीन कर रही है। पुलिस मदद करने वाले छात्र ब्रजेंद्र से भी पूछताछ कर रही है।
बैराड़ (शिवपुरी) निवासी 20 वर्षीय नीट की तैयारी करने वाली छात्रा काव्या धाकड़ ने नीट की तैयारी कर रहे छात्र हर्षित के साथ मिलकर अपहरण की साजिश की थी। उसने हाथ पैर बांधकर फोटो खिंचवाए। काव्या के पिता रघुवीर धाकड़ को भेज कर 30 लाख रुपये मांगे। विज्ञान नगर (कोटा) पुलिस और अपराध शाखा ने जांच की तो पता चला फोटोग्राफी भोलाराम उस्ताद मार्ग स्थित सिमरन हास्टल (पीजी) में हुई थी।

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नीट की तैयारी करने वाला छात्र ब्रजेंद्र प्रताप अहिरवार (सागर) उनकी मदद कर रहा था। पुलिस ने ब्रजेंद्र को पकड़ लिया, लेकिन काव्या और हर्षित का सुराग नहीं मिला। दोनों मंगलवार रात अंतिम बार सर्वानंद नगर के दीक्षा होस्टल के बाहर देखे गए। पुलिस के मुताबिक काव्या और हर्षित के पास रुपये नहीं हैं। इससे आशंका है कि दोनों सस्ते लाज में रुक सकते हैं। कोटा पुलिस हास्टल, होटल, लाज और ढाबों पर छानबीन कर रही है।

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