
सोनकर धर्मशाला से रावजी बाजार थाने वाली सड़क बनाने का टेंडर दो साल पहले हुआ था। यह दो करोड़ रुपए की लागत का था, लेकिन काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। सड़कें खुदी पड़ी हैं। लगातार इसकी शिकायत मिलने पर एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर, अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर ने सड़क का मुआयना किया।
जूनी इंदौर ब्रिज के पास 2 करोड़ रुपए की लागत से 100 फीट चौड़ी सड़क बनाना थी। सोनकर धर्मशाला से माली समाज धर्मशाला तक एक साइड रोड का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन सेंट्रल लाइन विवाद के कारण आगे का 50 मीटर सड़क निर्माण रुक गया। लोगों का आना-जाना दूभर हो गया। इस पर विधायक गोलू शुक्ला ने राठौर से बात कर काम जल्द शुरू करवाने पर चर्चा की।
निरीक्षण में कई तरह की खामियां पाई गईं
मौके पर टीम पहुंची और ठेकेदार को बुलवाया। एमआईसी सदस्य ने सेंट्रल लाइन विवाद जल्द निपटाकर निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण में पाया कि बिजली के खंभों की शिफ्टिंग की व्यवस्था नहीं है। स्टॉर्म वाटर लाइन, सेंट्रल डिवाइडर और ड्रेनेज लाइन का इस्टीमेट तैयार नहीं था। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए सड़क निर्माण का ठेका तत्काल प्रभाव से निरस्त करने और नए टेंडर जारी करने के निर्देश दिए गए।
अफसर बोले- सड़क निर्माण में बाधक मकान लोग स्वयं हटा रहे
निरीक्षण के दौरान इस सड़क को कलालकुई तक विस्तारित करने की योजना बनाने का भी निर्णय लिया गया। इसके बाद कलालकुई मस्जिद से निर्माणाधीन सड़क का भी जायजा लिया गया। चंद्रभागा नाले के किनारे का सड़क निर्माण अभी अधूरा है। ठेकेदार को इसे तत्काल पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए। अफसरों ने बताया कि बाधक मकानों को लोग स्वयं हटा रहे है।
