इन्दौर। 10 प्रतिशत से अधिक व 30 प्रतिशत तक के अवैध निर्माण के संबंध में नगरीय विकास व आवास विभाग ने एक महत्वपुर्ण आदेश जारी किया है। ऐसे भवनों की कलेक्टर मार्गदर्शिका व्दारा अवधारित बाजार मूल्य की दर से 12 प्रतिशत अनुक्रमांक एक के भवनों के लिए तथा अनुक्रमांक दो के भवनों के लिए 18 प्रतिशत तक की राशि (प्रशमन शुल्क) जमा कर इनकी कम्पाउंडिंग (प्रशमन) की जा सकेगी। ये प्राबधान उन्ही भवनों पर लागू हो सकेगा, जिनकी 1 जनवरी 2021 के पुर्व भवन अनुज्ञा जारी की गई है।
प्रदेश के नगरीय विकास व आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के संज्ञान में पिछले दिनों ये विषय लाया गया था, महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ ही अन्य निगमों के जनप्रतिनिधियों ने भी इस संबंध में उनसे चर्चा की थी, तब उन्होने जल्द ही इस पर निर्णय करने का आश्वासन दिया था। इन्दौर में ही कई आवासीय, व्यावासियक व अन्य उपयोग के भवन स्वामियों ने 10 से 30 प्रतिशत तक के अवैध निर्माण कर रखे है, इन्हे कई बार निगम ने नोटिस भी जारी किए है, तब इन्होने कम्पाउंडिंग में रूचि दिखाई है, इसके लिए निगम की भवन अनुज्ञा शाखा को बड़ी संख्या में आवेदन भी मिले है। शासन के इस निर्णय से अवैध निर्माणों की कम्पाउंडिंग हो सकेगी, वहीं निगम की राजस्व आय में उल्लेखित वृध्दि हो सकेगी। इस निर्णय का शहरवासियों व जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया है।
