इंदौर क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को पकड़ा है। आरोपी मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की बात करते हुए अरेस्ट करने की धमकी देते थे। आरोपियों पर जयपुर में भी पहले केस दर्ज हो चुका है। क्राइम ब्रांच आरोपियों को साइबर टीम की मदद से पकड़कर इंदौर लाई है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। क्राइम ब्रांच इंदौर ने राजस्थान पुलिस की मदद से मुस्तफा बोहरा पुत्र हुसैन अली निवासी खातीवाला टैंक और अरशद पुत्र अनवर खान निवासी चंदन नगर इंदौर को हिरासत में लिया। आरोपियों ने राजस्थान और इंदौर में डिजीटल अरेस्ट की वारदातों को अंजाम दिया था। राजस्थान पुलिस ने उन्हें ट्रेस कर गिरफ्तार किया। पूछताछ में इंदौर में की गई वारदात के बारे में जानकारी मिलने के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच को सौंपा गया। अफसरों के मुताबिक आरोपी अरशद की जेल रोड पर मोबाइल शॉप थी। आरोपी मुस्तफा की खातीवाला टैंक में मोबाइल की दुकान थी। काम के दौरान उसने मोबाइल एवं सिम कार्ड के संबंध में महारत हासिल की। आरोपी मुस्तफा 12वीं और अरशद 10वीं पास है। आरोपियों ने इंडसइंड बैंक,यस बैंक,एयू बैंक,कॉसमॉस बैंक आदि का उपयोग कर लाखों रुपए की ठगी की वारदात को अंजाम दिया। दोनों कई लोगों को कॉल करते हैं। जो आरोपियों की बातों में आ जाता है, उसे ऑनलाइन ठगी का शिकार बना लेते हैं। दोनों ने कई लोगों से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लाखों की ठगी करना स्वीकार किया है, जिसकी जांच की जा रही है। आरोपी अरशद ठेके एवं कमिशन पर बैंक अकाउंट प्राप्त करता था। जिसके संबंध में पुलिस जांच कर रही है। उन्होंने जयपुर की महिला के साथ डिजिटल अरेस्ट के नाम से ठगी करना स्वीकार की है। आरोपियों से 9 लाख रुपए भी मिले हैं।
