ट्रैफिक पुलिस की ज्यादती:चेकिंग में वाहन के कागजात, रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस दिखाने पर भी पीयूसी के नाम पर काट रहे हैं 1 हजार रु. का चालान

By Abhishek Raghuvanshi
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शहर के बदहाल ट्रैफिक को संभालने के बजाय ट्रैफिक पुलिस के जवान प्रमुख चौराहों पर सिर्फ चालानी कार्रवाई करते दिखाई दे रहे हैं। आम लोगों को पीयूसी के नाम पर परेशान कर रहे हैं, वहीं बाहरी राज्यों के वाहनों को जांच के नाम पर रोककर वसूली की जा रही है। त्योहारी सीजन शुरू होते ही खरीदी करने निकलने वाले शहरियों को चेकिंग के नाम पर परेशान कर रहे हैं।
एक चौराहे पर चेकिंग से निपटकर आगे बढ़े नहीं कि दूसरे चौराहे पर फिर पीयूसी के नाम पर रोक लेते हैं। कई पीड़ितों ने मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर, डीसीपी ट्रैफिक तक को शिकायतें की हैं, लेकिन अफसर अपने अमले पर नियंत्रण करने में असमर्थ नजर आ रहे हैं। अफसरों के मना करने के बावजूद ये जवान उनके निर्देशों को चौराहों पर हवा में उड़ा रहे हैं।
चौराहों पर ट्रैफिक सूबेदार, एएसआई और कांस्टेबलों की टीमें कोना पकड़कर चालानी कार्रवाई करती दिखाई देती हैं। रोका भी उन लोगों को जा रहा है जो परिवार के साथ होते हैं या बाहरी राज्यों से खरीदी करने आते हैं। ऐसी कार्रवाई करने वालों पर न तो एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक नियंत्रण कर पा रहे हैं न ही संबंधित क्षेत्र के ट्रैफिक एएसपी। गंभीर बात तो ये है कि पीयूसी के नाम पर वसूली की जा रही है।
केस-1 : फूटी कोठी चौराहे पर 1 हजार रुपए का चालान काटा
खंडवा से काम के सिलसिले में इंदौर आए समर्थ जोशी ने बताया कि उन्हें फूटी कोठी चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस ने रोका। वे अपनी कार (एमपी 12 सीए 9304) से जा रहे थे। उन्होंने बताया गाड़ी के सभी दस्तावेज व लाइसेंस दिखाने बाद भी जब कुछ नहीं मिला तो जवान ने रुबाब दिखाते हुए पीयूसी कार्ड मांगा। इसके न होने पर 1 हजार रुपए का चालान काट दिया।
केस-2 : चाणक्यपुरी में भी रुपए लेकर कार को छोड़ा
होटल कारोबारी जितेंद्र चौहान ने बताया, वे अपनी कार (एमपी 09 डब्ल्यू एफ 0016) से चाणक्यपुरी चौराहा होकर जा रहे थे। ट्रैफिक जवानों ने चेकिंग के नाम पर रोका। सारे दस्तावेज दिखाने के बाद पीयूसी कार्ड को लेकर अड़ गए। वह न होने पर 1 हजार का चालान बनाने के लिए धमकाया। काफी बहस के बाद कुछ रुपए लेकर छोड़ दिया।
केस-3 : विजयनगर में बाहरी कार का चालान काटा
ट्रैवल्स संचालक गीत अजमानी बताते हैं, वे इंदौर में काम करते हैं। उनकी गाड़ी (एमपी 12 बीसी 0939) खंडवा पासिंग है। उन्हें विजय नगर चौराहे पर रोक लिया गया। फिर सभी दस्तावेज दिखाने के बाद भी नहीं छोड़ा। पीयूसी के नाम पर 1 हजार का चालान कटवाना पड़ा।
पॉल्यूटेंट अंडर कंट्रोल (पीयूसी) कार्ड के लिए यह हैं नियम
देश में सभी प्रकार के ईंधन वाले वाहनों के लिए पीयूसी कार्ड अनिवार्य है।
इसकी वैधता आमतौर पर 6 महीने से 1 साल तक होती है।
इसका नवीनीकरण वाहन मालिक को समय-समय पर करना जरूरी है।
ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी कार्ड की जांच कर सकते हैं। (इसी नियम को पुलिस ने वसूली का आधार बना रखा है)
इस कार्ड के बिना वाहन चलाने पर मप्र में 1 हजार का जुर्माना है। इसके न होने पर धारा 190 (2) में पुलिस कार्रवाई कर सकती है।
इसे बनवाने के लिए वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी बुक जरूरी है। कार का कार्ड 100 रुपए में और बाइक-स्कूटर का 70 से 80 रुपए में बनता है।
पीयूसी कार्ड बनाने के स्थान केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित किए जाते हैं।
कार्ड जरूरी, लेकिन चेकिंग के नाम पर ज्यादती-नागरिकों का कहना है कि नियमानुसार पीयूसी कार्ड जरूरी है, लेकिन परिवहन विभाग ने अथॉराइज्ड सेंटर भी कहीं नहीं बनाए हैं। कुछ पेट्रोल पंपों पर ये बनाए जाते हैं। वहां भीड़ होने, पार्किंग न होने से आसानी से कार्ड बनाना संभव नहीं होता। इस कारण कई लोग कार्ड नहीं रख पाते। वहीं बाहर से आने वाले इस कार्ड को लेकर गंभीर नहीं होते।

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