इंदौर के खजराना क्षेत्र में रहने वाले यूनुस पटेल को 17 साल बाद न्याय मिला इंदौर से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय बम पर धारा 307 का प्रकरण दर्ज किया गया न्यायालय मे 10 मई को उपस्थित होने के आदेश दिए गए
इंदौर मे सांसद का चुनाव लड़ रहें अक्षय कांति बम सहित अन्य लोगों को दिनांक 10/05/2024 को उपस्थित होने के आदेश न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी निधि नीलेश श्रीवास्तव नें दिए है दरअसल पूरा मामला 2007 का है जहाँ 2007 के समय आई जी इंदौर सुरजीत सिंह व उनके पुत्र सतवीर सिंह की सिक्योरिटी एजेंसी को कांतिलाल बम और अक्षय बम नें यूनुस पटेल की जमीन खाली कराने का ठेका और जान से मारने की सुपारी भी दी थी। उसके बाद यूनुस पटेल के खिलाफ पुलिस नें लूट का झूठा प्रकरण सतवीर की रिपोर्ट पर दर्ज करा दिया था।
वही फरियादी यूनुस पटेल ने बताया कि गांव में जाकर उसकी भूमि पर फरियादी के नौकरों को धमकाया गया था तथा उनके साथ मारपीट की गई थी और वहां कटी हुई सोयाबीन में आग लगा दी गई थी। आरोपी कांतिलाल और उसका लडका अक्षय, सतवीर, सुरक्षागार्ड मनोज, सोनू बंदूक लेकर एवं अन्य 7-8 लोग भी आये थे जिनमें से कांतिलाल ने कहा था कि यही युनुस गुड्डू है इसे गोली मारकर जान से खत्म कर दो तभी रिंकू ने युनुस का हाथ पकडकर उसे पीछे से खींच लिया था। वह व रिंकूJ चिल्लाये भी थे कि उन्हें बचाओ उन्हें अभियुक्तगण गोली मार देंगे। फिलहाल कोर्ट ने खजराना पुलिस को केस डायरी न्यायलालय के समक्ष पेश करने के लिए निर्देशित किया है
