कैट परिसर में तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाए पिंजरे, बड़गौंदा में भी दिखा तेंदुआ

By Abhishek Raghuvanshi
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  • तेंदुए से जुड़ा कोई नया प्रमाण नहीं मिला, रहवासियों को सतर्कता बरतने को कहा।

आरआर कैट में तेंदुए के मूवमेंट को लेकर मंगलवार को भी वन विभाग ने करीब चार घंटे सर्च आपरेशन चलाया। इसमें सीआइएसएफ के जवानों ने भी मदद की। बाद में परिसर के अलग-अलग स्थानों पर दो पिंजरे लगा दिए। वनकर्मियों के मुताबिक तेंदुए से जुड़ा कोई नया प्रमाण मंगलवार को नहीं मिला है। पगमार्क के आधार पर परिसर में एक तेंदुआ होने की पुष्टि होती है। हालांकि कैट परिसर से लगी कालोनियों में दूसरे दिन भी वनकर्मियों ने लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी। प्रदेशभर में तेंदुओं की संख्या बढ़ी है। 2022 की गणना के आधार पर 3907 तेंदुए मिले हैं। यह आंकड़ा 2018 की तुलना में 486 अधिक है। वैसे अकेले इंदौर वनमंडल में तेंदुओं की संख्या में जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई है। इंदौर, चोरल, महू और मानपुर में मिलकर 70 तेंदुए हो चुके हैं। इनके संरक्षण की दिशा में कई सामाजिक संस्थाएं काम करने में लगी हैं।

रहवासी इलाकों की तरफ बढ़ा रूख
जंगल को खत्म कर शहर का तेजी से विकास किया जा रहा है। यह स्थिति देश के अधिकांश राज्यों में देखी जा सकती है। जहां विकास की वजह से जंगल का दायरा सिमटने लगा है। हालत यह है कि जंगल से सटकर कालोनियां और टाउनशिप काटी जा रही है।

जानवरों के रहने की जगह कम होने से इनका रूख अब रहवासी इलाकों की तरफ होने लगा, क्योंकि जंगल में पानी और भोजन खत्म हो चुका है। यही वजह है कि सालभर में रहवासी इलाकों में तेंदुए का मूवमेंट देखा गया। जैसे महू सैन्य परिसर, इंफोसिस-टीसीएस, आइआइटी परिसर, सिल्वर स्प्रिंग सहित कई इलाकों में रहा।

जारी रहेंगी सर्चिंग
आरआर कैट परिसर में दूसरे दिन भी सर्चिंग की गई। साथ ही पिंजरे लगा दिए हैं। बुधवार को कुछ स्थानों पर नाइट विजन व ट्रैप कैमरे लगाएंगे। इसके चलते तेंदुए की मौजदूगी का पता लग सकेगा।
-योगेश यादव, रेंजर, रालामंडल अभयारण्य

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