इन्दौर सेवा शुल्क और पेंडेंसी मामले को लेकर कलेक्टर आशीष सिंह ने उठाया कड़ा कदम पांच पटवारी और एक राजस्व निरीक्षक निलंबित वही हुआ जिसके कि कयास लगाये जा रहे थे छुट्टी के दिन कलेक्टर आशीष सिंह ने आधा दर्जन पटवारी राजस्व निरीक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर दी। जैसे ही निलंबन की कार्रवाई की जानकारी पटवारी के साथ- साथ अन्य अधिकारियों कर्मचारियों को लगी। इधर से उधर बातें होने लगी और मैसेज कन्वे होने लगे पिछले लगभग तीन-चार दिन पहले जिन चार अलग-अलग अपर कलेक्टरों ने राजस्व तथा सीमांकन, बटांकन, नामांकन के मामले में कलेक्टर को रिपोर्ट सौंपी थी उस रिपोर्ट के आधार पर ही कलेक्टर ने यह कार्रवाई की है।
इन्दौर प्रशासनिक से मिली जानकारी के मुताबिक कलेक्टर आशीष सिंह ने एक राजस्व निरीक्षक सुबोध और पांच पटवारी ऋषिता तिवारी, प्रभु दयाल, नितेश राणा, हरीश शर्मा, ओम परमार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की इनमें से ऋषिता और हरिश शर्मा मल्हारगंज के पटवारी हैं। जबकि ओम परमार बिचौली नितेश राणा राव प्रभु दयाल जूनी इंदौर परिक्षेत्र में पटवारी पदस्थ हैं कहना है कि कलेक्टर आशीष सिंह को लगातार शिकायत मिल रही थी
पटवारी बगैर लेनदेन किये काम भी नहीं कर रहे हैं। वहीं लेनदेन की खातिर बटांकन सीमांकन नामांकन जैसे मामलों में फाइलें अटका कर सेवा शुल्क चाहते हैं। लगभग अधिकांश पटवारी को सेवा शुल्क और सेवा सुविधा की दरकार रहती है
