इंदौर शहर में मुसीबत बन गए ई-रिक्शा… 23 रूट हैं तय, लेकिन नहीं चलते इन पर

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर शहर में प्रदूषण कम करने के लिए चलाए गए ई-रिक्शा से अब सड़कों पर जाम लग रहा है। रिक्शा ड्राइवर यहां-वहां अपनी मर्जी से इसे चलते है। इससे सड़कों से गुजर रहे अन्य वाहनों को परेशानी होती है। शहर के बीच राजवाड़ा पर तो ई-रिक्शा का संचालन रोक दिया गया था।

ई-रिक्शा ड्राइवर की जहां मर्जी होती है, वहां अपनी गाड़ियां दौड़ाते रहते हैं।
इससे शहर में यातायात की समस्या सुलझने के बजाय और उलझने लगी है।
प्रमुख मार्गों पर तो इनकी वजह से कई बार जाम की स्थिति बन जाती है।

इंदौर शहर में यातायात सुगम करने तथा प्रदूषण कम करने के लिए ई-रिक्शा चलाए गए, लेकिन अब ये शहर के गले की फांस बनने लगे हैं। इन्हें निर्धारित रूट पर संचालित करने के लिए करीब पांच माह पहले 23 रूट बनाए गए थे।
तय हुआ था कि इन रूटों पर आठ हजार से अधिक ई-रिक्शा का संचालन किया जाएगा, मगर अब तक इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई। परिणाम यह हुआ कि अब ई-रिक्शा ड्राइवर की जहां मर्जी होती है, वहां अपनी गाड़ियां दौड़ाते रहते हैं। इससे शहर में यातायात की समस्या सुलझने के बजाय और उलझने लगी है। शहर के प्रमुख मार्गों पर तो इनकी रेलमपेल के कारण कई बार जाम की स्थिति बन जाती है।

कलेक्टर को दिया ज्ञापन
इंदौर शहर की प्रमुख सड़कों से गलियों और कालोनियों तक ई-रिक्शा का संचालन किया जाना था, ताकि शहर की सड़कों पर से यातायात का दबाव कम किया जा सके। साथ ही लोग गलियों और कालोनियों से ई-रिक्शा की सहायता से मुख्य मार्गों तक आसानी से पहुंच सके, परंतु ई-रिक्शा धड़ल्ले से मुख्य मार्गों पर दौड़ रहे हैं।

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प्रत्येक चौराहे पर चार से पांच ई-रिक्शा हमेशा खड़ी रहती है। कहीं भी रिक्शा खड़ी कर सवारी बैठाई जा रही है। इस कारण दिन में कई बार जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। गत दिनों भगवा आटो रिक्शा संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने भी कलेक्टर आशीष सिंह को ई-रिक्शा को निर्धारित रूट पर चलाने को लेकर ज्ञापन दिया है।

यातायात सुधार के लिए किए थे प्रयास
इंदौर जिले में मार्च माह में नए ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाई गई थी।
रजिस्ट्रेशन रोक को शोरूम संचालकों ने कोर्ट में चुनौती दी और प्रतिबंध हटाया।
इंदौर शहर के अंदर रूटों पर कलर कोडिंग के हिसाब से ई-रिक्शा चलाई जाना है।
शहर के बीच में राजवाड़ा पर ई-रिक्शा का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया था।

एक रूट पर 300 ई-रिक्शा की अनुमति थी
शहर में ई-रिक्शा के लिए 23 रूट बनाए गए हैं और एक रूट पर 300 ई-रिक्शा चलाने की बात हुई थी। इसमें एयरपोर्ट से लेकर तेजाजी नगर चौराहा, गंगवाल बस स्टैंड से ग्रीन पार्क कालोनी, राऊ गोल चौराहा से देवास नाका, मृगनयनी से देवास नाका, गिटार तिराहा से खजराना, पलासिया चौराहा से कनाड़िया रोड, बापट चौराहा से देवास नाका का रूट है।इसके साथ ही एयरपोर्ट से अरविंदो हास्पिटल, मरीमाता चौराहा से सरवटे बस स्टैंड, संजय सेतु से चोइथराम मंडी चौराहा, रेलवे स्टेशन सियागंज की ओर पटेल प्रतिमा से बिचौली हप्सी, संजय सेतु से राज मोहल्ला, बड़ा गणपति से कृष्णपुरा छत्री वन-वे, रेलवे स्टेशन से मूसाखेड़ी चौराहा, मधु मिलन चौराहा से भंवरकुआं चौराहा, महूनाका से कैट रोड, महू नाका से राजेंद्र नगर, नौलखा से देवगुराड़िया, चंदन नगर चौराहा से प्लेटफार्म नंबर 6 रेलवे स्टेशन रूट हैं।

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में होगा फैसला
शहर में ई-रिक्शा के संचालन के लिए रूट तय किए गए हैं। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में इसके संचालन की योजना पर निर्णय होगा। – प्रदीप शर्मा, आरटीओ

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