इंदौर में एक लुटेरी दुल्हन का मामला सामने आया है। उसने मां-बाप और रिश्तेदार भी नकली बना लिये थे। यह पूरा एक गिरोह है। सबने प्लानिंग से वारदात को अंजाम दिया। अब पुलिस इनकी खोजबीन में जुटी है।
गिरोह के छह सदस्यों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
दुल्हन ने पहले महाकाल दर्शन के बहाने उज्जैन में घुमाया।
इसके बाद आरोपिता दुल्हे से तलाक की जिद करने लगी।
इंदौर। एरोड्रम पुलिस ने लूटेरी दुल्हन गिरोह के छह सदस्यों पर एफआईआर दर्ज की है।आरोपितों ने गुजरात के एक व्यवसायी से झूठी शादी कर लाखों रुपये कैश और आभूषण ठग लिए। पुलिस दुल्हन सहित नकली माता-पिता और रिश्तेदारों की तलाश कर रही है। एडिशनल डीसीपी जोन-1 आलोक शर्मा के मुताबिक मणीपुर(गुजरात)निवासी संजय भंडारी की राजेश डागर निवासी इंदौर से जुलाई में चर्चा हुई थी। आरोपित राजेश ने काजल गिरी की बेटी आहना गिरी से शादी की चर्चा की थी। उसने महेंद्र गिरी,काजल गिरी,रुपा गिरी,काजल गिरी से मुलाकात करवाई।
तीन लाख रुपये पेटीएम और सात लाख रुपये कैश प्राप्त कर लिए। दुल्हन ने पहले महाकाल दर्शन के बहाने उज्जैन में घुमाया। इसके बाद आरोपिता तलाक की जिद करने लगी।
वह संजय के साथ उदयपुर भी घूमने गई। एडीसीपी के मुताबिक अगस्त में वह पुन: उज्जैन रवाना हुई और रास्ते में ही संजय को नशीली पदार्थ सुंघा कर फरार हो गई। आरोपित दुल्हन 2 लाख के जेवर भी लेकर आ गई।
इधर लूट कांड में बिल्डर ने फोटो देख कर लुटेरों को पहचाना
पुलिस ने करीब 15 जगहों से सीसीटीवी फुटेज निकाले हैं। सभी फुटेजों में आरोपितों का हुलिया स्पष्ट हो गया है। पुलिस ने सुनील और रामवीर का पुलिस रिकार्ड से फोटो भी निकाला है।
बिल्डर कमलेश ने आरोपितों की पहचान लिया है। इसके बाद पुलिस ने दूसरे राज्यों की पुलिस से संपर्क कर तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अब उज्जैन में बस स्टैंड से फुटेज निकाल कर यह जानकारी जुटा रही है कि आरोपित किस बस से भागे है।
