उज्जैन रोड स्थित अरविंदो हॉस्पिटल के पीछे एक जमीन के मामले को लेकर गत दिनों जिला प्रशासन की टीम जमीन का मौका मुआइना करने कब्जा लेने के लिए गई थी बताया यह गया है की जमीन के मालिक सुरेश पटेल के द्वारा फायरिंग की गई किंतु इस मामले को लेकर आज सुरेश पटेल की तरफ से एक प्रेस वार्ता रखी गई जिसमें यह बताया गया कि जिस दिन फायरिंग हुई उस दिन उस समय जिला प्रशासन का कोई व्यक्ति नहीं था तकरीबन 3 घंटे के बाद जिला प्रशासन की अधिकारी आए जो भी जानकारी दी गई वह गलत जानकारी दी गई कि जिला प्रशासन के लोगों पर फाइरिंग किया जबकि मामला इसके उलट है अरविंद हॉस्पिटल के गार्ड के द्वारा तकरीबन 40 राउंड फायर किया गया और हमने सिर्फ बचाव में दो फायर हवा में किए गए ना कि किसी पर किंतु हमें दोषी ठहराया जा रहा है जिला प्रशासन हमें पूरी तरह आरोपी बना रहा है जो कि सरासर गलत है जमीन के मालिक हम हैं 25 साल पहले इस जमीन का सौदा अरविंदो हॉस्पिटल के मालिक भंडारी से किया गया था किंतु पैसे के लेनदेन को लेकर बात जमी नहीं और सौदा वही खत्म हो गया था उसके बावजूद अरविंदो हॉस्पिटल वाला फर्जी कागजात के आधार पर हमसे जमीन हथियाना चाहता है जिला प्रशासन उनका साथ दे रहा है और हमारी एफ़आईआर भी दर्ज थाने में नहीं हो रही है जबरदस्ती हम पर केस दर्ज किया जा रहे हैं जो की सारासर गलत है उक्त जमीन भंडारी साहब की न होकर सुरेश पटेल साहब की है इस प्रकरण को लेकर हम हाई कोर्ट में भी जा रहे हैं
अरविंदो हॉस्पिटल के जमीन के मामले में जहां पर गोलीबारी हुई उसके संबंध में इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह का कहना है कि ईडी की स्पेशल कोर्ट के द्वारा यह जमीन मुक्त कराकर अरविंदो हॉस्पिटल को सौंपने का आदेश हुआ था इस परिपेक्ष में जिला प्रशासन की टीम जमीन को मुक्त करने के लिए गई थी किंतु जमीन मालिक सुरेश पटेल के आदमियों के द्वारा कुछ दूरी पर फायर हुआ जिससे उनके खिलाफ थाने में प्रकरण भी दर्ज की गई मुख्य आरोपी की भी पहचान कर ली गई साथ ही उनका कुछ अतिक्रमण भी है वह भी जिला प्रशासन के द्वारा हटाया जाएगा
