
इंदौर की एक महिला ने पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और मारपीट का केस दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि पति ने बात करने के बहाने बुलाकर चलती कार में पिता के सामने मारपीट की। जैसे ही कार रूकी जान बचाने के लिए मैं और पिता उतरने लगे तो उन्होंने गाड़ी तेजी से आगे बढ़ा दी। इससे मैं घायल हो गई थी। मुझे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
घटना 3 महीने पहले की है, जिसकी अब शिकायत दर्ज कराई गई है। हीरानगर पुलिस ने खुडै़ल निवासी आरती शाक्य की शिकायत पर मुरैना के सबलगढ़ निवासी पति रिंकू शाक्य, ससुर राम शाक्य और सास प्रेम बाई शाक्य पर केस दर्ज किया है। ये तीनों 10 लाख रुपए दहेज की मांग रहे हैं।
साढ़े तीन साल पहले हुई थी शादी
आरती ने पुलिस को बताया उसकी शादी अप्रैल 2021 में रिंकू से सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुई थी। रिंकू उस समय कोई काम नहीं करता था। महिला ने बताया-
शादी के करीब एक साल बाद सास-ससुर दहेज को लेकर तानाकसी करने लगे। मैं इससे परेशान होकर जून 2022 में बिना बताए बुआ के गांव लकझेरा चली गई। पापा को पता चला तो वे मुझे अपने साथ खुडै़ल ले आ गए। इसके बाद माता-पिता के साथ ही रही। इस बीच ससुराल वालों से मेरे माता-पिता ने बात की। लेकिन, उनका कहना था कि दहेज में रुपए लेकर आएगी तो ही रखेंगे।
हमारी बात क्यों नहीं सुन रहे हो
महिला ने पुलिस का बताया कि पिता ने ससुराल के लोगों से कई बार बात करना चाही। लेकिन, वे बात नहीं कर रहे थे। फिर 9 अगस्त 2024 को पापा के मोबाइल पर पति रिंकू ने कॉल किया। कहा कि आप इंदौर आ जाइए, बात करनी है।
हम अगले दिन सिटी बस में बैठकर बापट चौराहे पर आ गए। तब पति रिंकू को पिता ने कॉल किया। वे सड़क की दूसरी ओर कार नंबर MP07-ZM9573 लेकर खड़े थे। जब दोनों वहां पहुंचे तो रिंकू ने कार में आगे बैठने के लिए कहा।
तब मैं आगे बैठ गई। वही, पिता पिछली सीट पर बैठ गए। कार स्टार्ट कर आगे बढ़ा दी। कहा गया कि शादी में आपने कोई दहेज नहीं दिया। इसके बाद भी हमारी बात क्यों नहीं सुन रहे हो।
पति बोला- साथ भी नहीं रखूंगा
महिला ने बताया कि बातचीत हो रही थी, तभी गुस्से में पति ने कहा कि तेरा बाप पैसे नहीं देगा तो साथ में नहीं रखूंगा और तलाक भी नहीं दूंगा। हमारे बीच कहासुनी होने लगी तो उसने मारपीट कर दी। ये सब देखकर पिता ने कार रोकने की बात की। जैसे ही पापा उतरे तेजी से कार आगे बढ़ा दी। मैं कार से उतरने में गिर गई। पैर में चोट आई थी।
मेरे पिता ने ऑटो में इलाज के लिए इंडेक्स मेडिकल कॉलेज ले गए। इसके बाद भी मेरे पिता ने ससुराल वालों से बातचीत की। लेकिन वे जीवन खराब करने की धमकी देते रहे और अपनी मांग पर अडे़ रहे।
