इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक्शन पर महापौर, सीएम को लिखा पत्र, कलेक्टर को कार्रवाई के आदेश

By Abhishek Raghuvanshi
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मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने स्मार्ट सिटी में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने गर्म तेवर दिखाना शुरू कर दिए है। मामला है वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसियों के अनुबंध की अवधि बढ़ाने का है। इसमें पूर्व निगमायुक्त प्रतिभा पाल और स्मार्ट सिटी के अफसरों द्वारा वेस्ट मैनेजमेंट एजेंसी को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को धता बताया गया। इसके तहत एजेंसी का अनुबंध सात सालों के लिए बढ़ा दिया।

खास बात यह कि मूल अनुबंध पूरा होने में तीन साल से अधिक का समय बाकी था। मेयर ने महापौर परिषद की शिकायत मिलते ही कलेक्टर को मामले की जांच कर गलत अनुबंध तत्काल निरस्त करने और दोषियों पर कार्यवाही के लिए निर्देशित किया। एजेंसी से बकाया वसूली के नोटिस भी जारी किए गए। इसके साथ मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ EOW या लोकायुक्त से जांच कराने की मांग की है।

मूल अनुबंध की शर्तो पर ही एजेंसी को कोरोना अवधि के 22 महीने के साथ सात साल यानी करीब 9 सालों तक काम करने का ठेका बाले-बाले दे दिया गया। जबकि एजेंसी द्वारा निगम को देय रॉयल्टी की राशि करोड़ों रुपए बकाया थी। निगम की बकाया राशि को अनदेखा करते हुए स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने एजेंसी को फायदा पहुंचाया गया।

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