मध्य प्रदेश के इंदौर में भारतीय दंड संहिता के तहत जो नए कानून 1 जुलाई से लागू किए गए हैं उसका पहला प्रकरण शहर के बाणगंगा थाने पर दर्ज किया गया है जिसमें मारपीट और वाहन में तोड़फोड़ संबंधित धाराएं लगाई गई है तो वहीं वीडियोग्राफी को लेकर भी पुलिस का कहना है कि आवश्यकता लगी तो साक्षी और सबूत संग्रहित करने के उद्देश्य से वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी…।
दरअसल आज से यानी की 1 जुलाई से भारतीय दंड संहिता में कई बदलाव किए गए हैं जिनमें धाराओं को लेकर भी उल्लेख किया गया है और इन्हीं बदलाव को लेकर पिछले दो माह से पुलिस द्वारा तमाम तरह की तैयारी की जा रही थी दिन में पुलिस अधिकारी से लेकर थाने स्तर पर आरक्षकों तक को ट्रेनिंग दी गई थी और इसी के तहत आज से लागू हुए नए भारतीय दंड संहिता कानून के तहत प्रकरण दर्ज किया जाना शुरू हो गए हैं और जिसका पहला प्रकरण बाणगंगा थाने पर फरियादी की शिकायत के अनुसार दर्ज किया गया है जिसमें मारपीट और वहां में तोड़फोड़ संबंधित प्रकरण दर्ज किया गया है पुलिस का कहना है कि प्राथमिक रूप से प्रकरण दर्ज किया जा रहे हैं वीडियोग्राफी की अगर सबूत के आधार पर संकलन की आवश्यकता लगी तो वह भी कराई जाएगी
