शुक्रवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव खुद निगम मुख्यालय में बने जन्म-मृत्यु पंजीयन विभाग पहुंचे। वहां की व्यवस्था सुधारने के लिए उन्होंने मौके से ही भारत सरकार आइटी विभाग के संयुक्त संचालक और भोपाल आइटी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर चर्चा की।नगर निगम मुख्यालय पर निरीक्षण करने पहुंचे महापौरकर्मचारियों से पूछा कैसे चल रहा है जोनों में कामपता चला एक ही कम्प्यूटर के भरोसे शहर का डेटाइंदौर। बहुत जल्दी जन्म-मृत्यु पंजीयन जोन कार्यालयों पर भी होने लगेगा। फिलहाल यह सुविधा सिर्फ नगर निगम मुख्यालय पर ही उपलब्ध है। इस वजह से पंजीयन करवाने के लिए आने वालों की भीड़ लगी रहती है। मुख्यालय पर भी सिर्फ एक ही आइडी है। यानी पूरे शहर में होने वाले जन्म और मृत्यु के पंजीयन एक ही कंप्यूटर के भरोसे है। महापौर शुक्रवार सुबह औचक निरीक्षण पर निगम मुख्यालय में बने जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीयन कार्यालय पहुंचे। उन्होंने विभाग प्रमुख से प्राप्त आवेदनों, जारी किए जाने वाले प्रमाण पत्रों, लंबित आवेदनों की विस्तार से जानकारी ली। महापौर ने कार्यालय के कर्मचारियों के साथ-साथ आवेदनों के संबंध में वहां आए नागरिकों से भी चर्चा की।विभाग प्रमुख ने महापौर को बताया कि भारत सरकार के पोर्टल के माध्यम से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र संबंधित कार्रवाई की जाती है। यह पोर्टल दिन में कई बार बंद हो जाता है और बहुत धीमा चलता है। पोर्टल पर इंट्री और कार्रवाई के लिए निगम में सिर्फ एक ही आइडी उपलब्ध है। इस वजह से प्रमाण-पत्र जारी करने में समय लगता है। इससे नागरिकों को परेशानी होती है।इस पर महापौर ने तुरंत भोपाल और दिल्ली के अधिकारियों से चर्चा कर एक ही आइडी के स्थान पर निगम के सभी जोनल कार्यालयों को भी आइडी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया।महापौर ने पंजीयन कार्यालय के रिकार्ड रूम का अवलोकन भी किया। उन्होंने रिकार्ड का एआइ तकनीक से डिजिटाईलेशन कर सहेजने के निर्देश दिए।
