इंदौर शहर में पिछले कुछ दिनों से लगातार वाहन चोरी की घटनाओं में इजाफा हो रहा है इसी कड़ी में इंदौर की संयोगितागंज पुलिस ने एक गिरोह को गिरफ्तार किया और उनके पास से 15 से अधिक मोटरसाइकिल जप्त की है तो वहीं आरोपियों के द्वारा ऑर्डर पर चोरी की वारदातो तो अंजाम दिया जाता था और फिर उन्हें सस्ते दामों पर संबंधित व्यक्ति को बेच दिया जाता था वहीं इस पूरे मामले में पुलिस आने वाले दिनों में कुछ और आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कर रही है
बता दे पिछले दिनों इंदौर के संयोगिता गंज थाना क्षेत्र के दावा बाजार सहित अन्य पार्किंग एरिया से मोटरसाइकिल चोरी होने की शिकायत पुलिस को मिल रही थी अतः पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की, इसी दौरान पुलिस को कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले और उसके आधार पर पुलिस ने देवास के दीपक को पकड़ा वहीं जब पुलिस ने दीपक को पकड़ा तो उसने अपने साथी जो मैकेनिक का काम करता था धर्म सिंह जाटव के बारे में जानकारी दी तथा पुलिस ने आरोपी धर्म सिंह जाटव के आधार पर एक अन्य आरोपी दिनेश नागर को भी गिरफ्तार किया वहीं पकड़े गए तीनों आरोपी इंदौर शहर में आकर इस तरह से चोरी की वारदातों का अंजाम देते थे वहीं पकड़े गए आरोपी धर्म सिंह जाटव ने पुलिस को यह भी जानकारी दी कि वह इंदौर शहर से जो भी मोटरसाइकिल को चुरा कर लेकर जाते थे तो उन गाड़ियों के पार्ट्स निकलकर वह उनके वहां पर सुधारने आने वाली गाड़ियों में डाल लेते थे और इस बात की जानकारी संबंधित वाहन मालिक को भी नहीं रहती थी इसी के साथ जब गाड़ी के अलग-अलग पार्ट को वह विभिन्न गाड़ियों में डाल देते थे और जो गाड़ी का इंजन और चेचिस बचता था उसे कबाड्डी नसरुद्दीन को बेच देते थे और कबाड्डी नसरुद्दीन उन चेचिस और इंजन को काटकर ठिकाने लगा देता था फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस ने तीन उपयोग को गिरफ्तार कर लिया तो वहीं एक आरोपी कबाड्डी नसरुद्दीन फरार चल रहा है उसकी तलाश में पुलिस विभिन्न जगहों पर दबिश दे रही है तो वहीं प्रारंभिक जांच पड़ताल में पुलिस के द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए उनके क्षेत्र में जाकर कुछ दिनों तक उनके ही गांव में रहना पड़ा और और इस दौरान उन सभी की मॉनिटरिंग की गई उसके बाद आरोपियों को पकड़ा गया, तो वहीं पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को इस बात की भी जानकारी दी कि उनके पास यदि कोई व्यक्ति गाड़ी खरीदने के लिए आता था तो उसे कौन सी गाड़ी खरीदना है किस कलर में खरीदना है इसके बारे में जानकारी इकट्ठा कर ली जाती थी उसके बाद शहर में आकर इस तरह से गाड़ियों को चुरा कर संबंधित ऑर्डर देने वाले व्यक्ति को सस्ते दामों पर बेच दिया करते थे फिलहाल पुलिस को अनुमान है कि पकड़े गए तीन आरोपियों की निशानदेही पर जल्द ही कुछ और आरोपियों को इस पूरे मामले में पकड़ा जा सकता है।
