- अल्फा डायग्नोस्टिक सेंटर के रजिस्ट्रेशन को संस्था के संचालक ने रिन्यू नहीं कराया था। वह बायो मेडिकल वेस्ट का वैध लाइसेंस भी स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम को नहीं दिखा सके।
- बैरसिया रोड पर सिंधी कालोनी में स्थित है सेंटर।
- इस सेंटर में मरीजों की सोनोग्राफी, एक्सरे, ईसीजी और पैथोलाजिकल जांचें की जाती थी।
स्वास्थ्य विभाग की शुरूआती जांच में सेंटर का रजिस्ट्रेशन नर्सिंग होम एक्ट के तहत सीएमएचओ दफ्तर में नहीं मिला था।
राजधानी में बैरसिया रोड पर संचालित अल्फा डायग्नोस्टिक सेंटर को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग ने सेंटर के संचालन को अवैध माना है। इसकी पुष्टि सीएमएचओ डा. प्रभाकर तिवारी ने की है। सेंटर में मरीजों की सोनोग्राफी, एक्सरे, ईसीजी और पैथोलाजिकल जांचें की जाती थी, जो सेंटर का रजिस्ट्रेशन नर्सिग होम एक्ट के तहत नहीं होने तक नहीं होंगी।सीएमएचओ डा. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि बैरसिया रोड स्थित सिंधी कालोनी में अवैध रूप से अल्फा डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन किए जाने की शिकायत मिली थी। विभाग की शुरूआती जांच में सेंटर का रजिस्ट्रेशन नर्सिंग होम एक्ट के तहत सीएमएचओ दफ्तर में नहीं मिला। इसके चलते शनिवार को दोपहर बाद जिला टीकाकरण अधिकारी डा. रितेश रावत के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम को अल्फा डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच करने भेजा गया था। जांच टीम को सेंटर के संचालक डा. आईके वाधवानी रजिस्ट्रेशन से संबंधित कोई दस्तावेज मुहैया नहीं करा सके। इसके चलते जांच टीम ने अल्फा डायग्नोस्टिक सेंटर को सील कर दिया।
सीएमएचओ ने बताया कि अल्फा डायग्नोस्टिक सेंटर के रजिस्ट्रेशन को संस्था के संचालक ने रिन्यू नहीं कराया था। जबकि नर्सिंग होम एवं क्लीनिक स्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत हास्पिटल, लैब, डायग्नोस्टिक सेंटर का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। सीएमएचओ ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जांच दल ने सेंटर संचालक से संस्था का बायोमेडिकल वेस्ट का लाइसेंस भी मांगा था। लेकिन, सेंटर संचालक डा. वाधवानी बायो मेडिकल वेस्ट का वैध लाइसेंस भी जांच टीम को नहीं दिखा सके।
