हंसदास मठ पर सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन

By Abhishek Raghuvanshi
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सांसारिक जीवन में व्यक्ति की भावनाओं और रिश्तों का बड़ा महत्व होता है। प्रेम हर बंधन को जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए मनुष्य के आचरण में प्रेम का भाव होना बहुत जरूरी है। ईश्वर भी भक्तों के प्रेम से वशीभूत होकर दौड़े चले आते हैं। प्रेम वह मानवीय गुण जो कल्याण के मार्ग को प्रशस्त करता है।

यह बात कथावाचक पं. विवेक कृष्ण शास्त्री ने रविवार को हंसदास मठ बड़ा गणपति में कही। वे विश्व आपण समाज संघ के तत्वावधान में आयोजित सात दिनी श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भवसागर से पार पाने के लिए श्रीमद् भागवत का निकाली गई। आयोगक श्रवण से जीवन सफल हो जाएगा। भगवान के बताए मार्ग पर चलने और बुराइयों से दूर रहने से सांसारिक जीवन की कठिनाइयां तो दूर होंगी ही साथ ही निरंतर आगे की ओर बढ़ने का मार्ग भी प्रशस्त होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित योगेंद्र महंत एवं प्रदेश संयोजक पवन दास महाराज ने बताया कि महामंडलेश्वर 1008 हंस पीठाधीश्वर रामचरण दास महाराज के सान्निध्य में कथा से पहले शोभायात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ों भागवत भक्त महिला-पुरुष पांरपरिक परिधान में शामिल हुए। कथा के बाद महाआरती हुई। कथा 17 फरवरी तक दोपहर 4 से शाम 7 बजे तक होगी। 13 फरवरी से 17 फरवरी तक पंच कुंडी श्री राम महायज्ञ होगा।

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