स्मार्ट चिप कंपनी ने बंद किया काम, लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन कार्ड नहीं बना पा रहे लोग

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर आरटीओ कार्यालय में स्मार्ट चिप कंपनी द्वारा काम बंद करने के बाद आम लोग ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन कार्ड बनाने के लिए परेशान हो गए हैं। कंपनी द्वारा काम बंद करने के बाद यह दोनों काम पूरी तरह से ठप पड़े हैं। यहां हर दिन करीब एक हजार कार्ड बनाए जाते थे। अभी पहले के ही 8 हजार से ज्यादा कार्ड प्रिंट होना बाकी है।
22 साल से परिवहन विभाग में कार्ड प्रिंटिंग का काम कर रही थी ये कंपनी।
कंपनी द्वारा काम बंद करने से आने वाले आवेदनों की पेंडेंसी बढ़ती जाएगी।
कार्ड प्रिंट कराने के लिए परिवहन विभाग के पास अन्य कोई विकल्प नहीं है।
नायता मुंडला स्थित परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग लायसेंस और रजिस्ट्रेशन कार्ड के प्रिंटिंग का काम मंगलवार से पूरी तरह से बंद हो गया। स्मार्ट चिप कंपनी ने काम पूरी तरह से बंद कर दिया। इससे आमजन को खासी परेशानी होगी। पहले से ही ड्राइविंग लाइसेंस की आठ हजार से अधिक कार्ड प्रिंट होना बाकी है। अब कंपनी द्वारा काम बंद करने से प्रतिदिन आने वाले आवेदनों की पेंडेंसी बढ़ती जाएगी। स्मार्ट चिप कंपनी विगत 22 साल से परिवहन विभाग में कार्ड प्रिंटिंग का कार्य कर रही थी। स्मार्ट चिप कंपनी का बढ़ा हुआ एक्सटेंशन 30 सितंबर को खत्म हो गया। कंपनी ने मंगलवार से काम बंद कर दिया। अब परिवहन विभाग के पास अन्य कोई विकल्प नहीं है। परिवहन कार्यालय में कंपनी द्वारा प्रतिदिन आठ सौ से हजार कार्ड प्रिंट किए जाते थे। सूत्रों का कहना है कि कंपनी और विभाग के बीच भुगतान विवाद के कारण कंपनी ने काम बंद कर दिया। जबकि विभाग ने कंपनी को दिसंबर तक कार्य करने के लिए कहा था।
नियमों में लापरवाही पाए जाने पर 18 वाहनों से वसूला जुर्माना
परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान में स्कूली और अन्य वाहनों की जांच की जा रही है। नियमों को अनदेखा कर वाहनों का संचालन करने पर 18 वाहनों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई। वहीं स्कूली बच्चों और पालकों से चालक व परिचालक के व्यवहार का फीडबैक लिया गया। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि इंदौर से सागर, इंदौर से भोपाल सहित अन्य रूट की बसों की सघन चेकिंग की गई। परमिट शर्तों का उल्लघंन करने वाले वाहनों से 50 हजार रुपये से अधिक जुर्माना वसूला गया।

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