स्कूल बस स्टॉप पर बोली बेटी- पापा मैं चली जाऊंगी, पिता के जाते ही 14वीं मंजिल पर पहुंचकर लगा दी छलांग

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर शहर में मंगलवार को अपोलो डीबी सिटी की 14वीं मंजिल से कूदकर सातवीं की छात्रा ने खुदकुशी कर ली। पिता सुबह उसे स्कूल बस स्टॉप पर छोड़कर आए थे। उन्हें लगा बेटी स्कूल चली गई, कुछ देर बाद सूचना मिली कि बेटी का शव बिल्डिंग के नीचे पड़ा है। अभी खुदकुशी का कारण साफ नहीं हो पाया है।
इंदौर में 13 साल की छात्रा ने मंगलवार को बिल्डिंग से कूदकर दे दी जान।
खुदकुशी का कारण नहीं हो पाया साफ, पुलिस कर रही मामले की जांच।
कुछ समय पहले ही विशाखापट्टनम से इंदौर शहर शिफ्ट हुआ था परिवार।

इंदौर। बेटी अंजिल के स्कूल का पहला दिन था, पिता अमोल उसे बस स्टॉप तक छोड़ने पहुंचे। कुछ देर स्कूल बस का इंतजार किया फिर बेटी बोली- ‘पापा आप घर चलो जाओ, मैं चली जाऊंगी।’ अमोल ने अंजलि से बाय… टेक केयर कहा और घर आ गए। बेटी उनसे हमेशा के लिए दूर चले जानी वाली है ये उन्हें कहा पता था। कुछ देर बाद सूचना मिली उसका शव बिल्डिंग के नीचे पड़ा है। मामला इंदौर की अपोलो डीबी सिटी का है, जहां रहने वाले कंटेनर कॉर्पोरेशन आफ इंडिया
(सीसीआई) के सीनियर मैनेजर अमोल यामयार की 13 वर्षीय बेटी अंजिल ने मंगलवार को 14वीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली। वो सातवीं कक्षा की छात्रा थी। पिता जब उसे स्कूल बस स्टॉप पर छोड़कर वापस लौटे, इसके चंद मिनट बाद अंजलि टाउनशिप के दूसरे ब्लाक (ओफिरा-1) पहुंची और लिफ्ट से सीधे 13वीं मंजिल पर पहुंचकर बैग रखा, इसके बाद 14वीं मंजिल के डक्ट से छलांग लगा दी। नीचे गिरते ही उसकी मौत हो गई।

पहचान नहीं सके रहवासी, ड्रेस देखकर स्कूल से जानकारी निकाली
अमोल यामयार मूलत: पुणे के रहने वाले हैं। इसके पूर्व उनकी पोस्टिंग विशाखापट्टनम (ओडिशा) में थी। इसी वर्ष मार्च में उनका तबादला इंदौर हुआ, इसलिए मल्टी में उनकी या उनके बच्चों की ज्यादा लोगों से जान-पहचान नहीं हुई। अमोल ने बेटे आदित्य का यहां डीपीएस (ग्यारवीं कक्षा) और बेटी अंजलि का एडवांस एकेडमी (सातवीं कक्षा) में एडमिशन करवाया। अंजलि अप्रैल में कुछ दिनों के लिए ही स्कूल गई, फिर छुट्टी लग गई। छुट्टियां समाप्त होने पर मंगलवार को उसका स्कूल का पहला दिन था। 14वीं मंजिल से कूदने के बाद नीचे पड़ा अंजलि का शव देखकर चौकीदार, नौकर और रहवासी घबरा गए। कोई पहचान नहीं सका। स्कूल की ड्रेस देखकर कुछ लोग स्कूल से जानकारी लेने गए।

करीब पौन घंटे बाद पिता अमोल तक यह खबर पहुंची। थोड़ी देर बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एडिशनल डीसीपी अमरेंद्रसिंह के मुताबिक पुलिस ने टाउनशिप में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज निकाल लिए हैं। देर रात तक पुलिस तलाशती रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

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विशाखापट्टनम से आकर खुश नहीं थी अंजलि
भाई आदित्य ने बताया कि अंजलि की विशाखापट्टनम में दो सहेलियां हैं। वह उनसे ही बात करती थी। विशाखापट्टनम से इंदौर आने के बाद से वह खुश नहीं थी। पुलिस ने अंजलि का बस्ता देखा, तो किताबें और लंच बॉक्स मिला। रूम की तलाशी में टैबलेट (डिवाइस) मिला, जिसमें पैटर्न लॉक लगा था। पुलिस टैबलेट की जांच करेगी। सायबर एक्सपर्ट की सहायता से उसे अनलॉक करवाया जा रहा है।

बड़ा भाई बोला- अंतरमुखी थी अंजिल
पुलिस ने अंजलि के बड़े भाई आदित्य से पूछताछ की। उसने बताया कि अंजलि अंतरमुखी थी। वह काफी कम बोलती थी। सोमवार को पापा (अमोल) के साथ पूरा परिवार माल में घूमने गया था। मैंने खरीदारी की, लेकिन अंजलि ने कुछ नहीं खरीदा। उससे कपड़े खरीदने को कहा, तो उसने मना कर दिया। हम सबने खाना भी बाहर खाया था।
भाई ने कहा- मैं कई बार उससे बात करता, उसे समझाने की कोशिश करता था। टीआई तारेश सोनी के मुताबिक अंजलि के पिता अमोल के परिचितों ने बताया कि अमोल भी कम बोलते हैं। बहरहाल, अंजलि ने आत्महत्या क्यों की, यह समझ नहीं आ रहा है। घटना के बाद अंजलि की मां अर्चना की सेहत खराब हो गई।

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