मध्य प्रदेश के इंदौर में डॉक्टर के पास पहुंचे युवक को चेकअप के दौरान ही हार्ट अटैक आ गया। सीने में दर्द के बाद वह अकेले ही डॉक्टर के पास पहुंच गया था। डॉक्टर उसका चेकअप कर ही रहे थे कि युवक कुर्सी पर बैठे-बैठे गिर गया। उसके पास मिले आधार कार्ड से डॉक्टर ने परिजनों को सूचना दी।
डॉक्टरों ने उसे CPR भी दिया, लेकिन कोई हलचल नहीं हुई।
युवक की जेब में मिले आधार कार्ड से ही उसकी पहचान हुई।
युवक को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई।
इंदौर शहर में हार्ट अटैक के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। खासकर युवाओं में कम उम्र में हृदय से जुड़ी समस्या देखने को मिल रही है। परदेशीपुरा थाना क्षेत्र के शिवाजी नगर में रहने वाले सोनू मतकर (31) को रात दो बजे अचानक सीने में दर्द हुआ। वह अपने ऑटो रिक्शा से अकेले ही नजदीक के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा।
यहां डॉक्टर उसका चेकअप कर ही रहे थे, तभी वह उनके सामने ही कुर्सी पर बैठे-बैठे गिर गया। डॉक्टरों ने उसे सीपीआर भी दिया, लेकिन कोई हलचल नहीं हुई।
प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया
युवक के साथ कोई नहीं था, इसके बाद आधार कार्ड के आधार में उसका घर ढूंढा और स्वजन को जानकारी दी। स्वजन युवक को दूसरे बड़े निजी अस्पताल में इलाज के लिए लेकर पहुंचे, जहां सुबह चार बजे उसकी मौत हो गई।
स्वजन ने बताया सोनू पहले एलआईसी में नौकरी करता था। लेकिन करीब पांच माह पहले उसे निकाल दिया था। वह तनाव में था, शायद इसकी की वजह से उसे हार्ट अटैक आ गया।
इंदौर में पहले भी सामने आए ऐसे मामले
इंदौर शहर में अचानक हार्ट अटैक आने का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी जिम में कसरत करते एक व्यक्ति को हार्ट अटैक आने का वीडियो सामने आया था। कोचिंग में पढ़ने पहुंचे एक छात्र की भी इसी तरह हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। ड्यूटी कर लौट रहे एक पुलिसकर्मी की भी अचानक दिल का दौरा पड़ने से जान चली गई थी।
