शहर के आसपास जंगलों में स्थित पिकनिक स्पॉट पर कोई हादसा न हो, इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र की पुलिस सक्रिय है। वीक एंड पर आने वाले पर्यटकों को पुलिस समझा रही है कि कौन से स्पॉट खतरनाक हैं, आप वहां झरने में न उतरें, सेल्फी न लें। रविवार को डीएसपी ग्रामीण उमाकांत चौधरी की टीम ने सिमरोल और तिंछा फाल के आसपास के जंगल व पिकनिक स्पॉट्स पर आए सैकड़ों पर्यटकों को यहां के खतरनाक झरने, नदी, कुंड के बारे में बताया कि यहां न जाएं। सभी को सतर्क किया। पूर्व में खतरनाक स्पॉट पर जाकर फोटोग्राफी करने या सेल्फी लेने पर हुए हादसों की जानकारी देकर इन्हें अलर्ट किया गया।
डीएसपी ने बताया कि बारिश के दौर में ग्रामीण क्षेत्र की पुलिस द्वारा लगातार सतर्कता बरती जाएगी। इस दौरान सिमरोल टीआई अमित भमोरी, एसडीआरएफ, होमगार्ड सैनिक व ग्राम रक्षा समिति के सदस्य इन स्थलों पर तैनात रहे। इसके अलावा ऐसे स्थानों पर शराब के अलावा अन्य मादक पदार्थ लेकर आने वालों पर भी पुलिस ने सख्ती की। इसके लिए उनकी गाड़ियों की चेकिंग भी की गई।
5 साल में 40 युवाओं ने गंवाई जान
टीम ने पर्यटकों यह भी बताया कि 5 साल में इन पिकनिक स्पॉट पर 16 से 28 साल के करीब 40 युवाओं की मौत सिर्फ इसलिए हुई है, क्योंकि इन झरनों, फाल और कुंड के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। न तो इनकी गहराई का अंदाजा था ना ही यहां अचानक से आने वाली नदी के बहाव की जानकारी।
