गौतम टेटवाल जो वर्तमान में मध्यप्रदेश शासन में कौशल विकास और रोजगार मंत्री राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार है और सारंगपुर से विधायक हैं, उनके खिलाफ सारंगपुर के ही रहने वाले जितेन्द्र सिसोदिया ने उनकी जाती प्रमाण पत्र को चूनौती देते हुए हाई कोर्ट में 11 जुलाई को अपने अधिवक्ता धर्मेंद्र चेलावत के मार्फ़त याचिका दायर कराई गई है।
.दरअसल पूरा मामला यह है कि मध्यप्रदेश शासन के राज्य मंत्री गौतम टेटवाल ने सारंगपुर विधानसभा से चुनाव लड़ा था जो एससी कैटेगरी अनुसूचित जाति रिजर्व सीट थी,अधिवक्ता धर्मेंद्र चेलावत ने बताया कि पहले भी कई मर्तबा कुछ शिकायतें हुई है उसमें यह मानना है शिकायत इस आधार पर की गई है कि इनकी जो जाती है वो झींणनगर होकर और यह ओबीसी श्रेणी में आती है जो पिछड़ा वर्ग में कही जाएगी और इनके जो सारी शैक्षणिक दस्तावेज है इनके पिता भाई बहन के सभी हैं दस्तावेज ओर सारंगपुर में जो भवन के दस्तावेज है उसमें भी झींनगर लिखा हुआ है फिर इनके जितने भी रिलेटिव जो कि शेयर शिक्षा विभाग में रहे हैं उनके सर्विस रिकार्ड भी सूचना के अधिकार से निकाले गए थे उसमें भी सारी झींनगर जातियां आ रही है जो कि ओबीसी की श्रेणी में आती है लेकिन अचानक से विधायक गौतम टेटवाल ने झींनगर को चेंज करके मोची जाति कर उन्होंने सुरक्षित एससी सीट से चुनाव लड़ा ये जांच का विषय है ओर फिर उसी जाति को आगे बढ़ाते हुए ये सारी सुविधा लिए जा रहे हैं, दरअसल यह मामला सर्वोच्च संस्था छानबीन समिति देती है जो इस बात की जांच करती है कि जो है जाति प्रमाणपत्र सही है कि नहीं,लेकिन उनको बुलाया नहीं गया,अधिवक्ता ने कहा कि यह जो सारे दस्तावेज है यह बताते हैं कि ओबीसी जाति के हैं वो छानबीन समिति के सामने एक वीडियो के रूप में इन्क्वायरी के रूप में कभी भी आ ही नहीं पाए तो वो जो उन्होंने अगर उसे सही भी सिद्ध ठहराया है तो इसी बात को लेकर माननीय न्यायालय उच्च न्यायालय के अंदर ये चीज को से चैलेंज किया गया है कि जाति के एक बार फिर से सारे दस्तावेजों के आधार पर जांच कर ली जाए और जो भी फिर उच्च न्यायालय फैसला देगा उस आधार पर जो भी जाति है वह मानी जायेगी। फिलहाल सारंगपुर के रहने वाले जितेंद्र सिसोदिया नामक व्यक्ति द्वारा राज्य मंत्री गौतम तेतवार की जाती को लेकर हाईकोर्ट में 11 जुलाई को याचिका दायर की है जिसके सुनवाई अगले हफ्ते हो सकती है।
