व्यापारी की क्षमा और शर्मिंदा होता अहंकारी आइपीएस

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर में एक नए-नए बने आइपीएस अफसर ने एक व्यापारी के साथ मारपीट की, मामला विधायक और उपमुख्यमंत्री तक पहुंचा, जब आइपीएस के ट्रांसफर की बात आई तो व्यापारी ने कार्रवाई से इनकार कर दिया।

इंदौर। सनातन और जैन धर्म ने अहिंसा को सर्वोच्च गुण बताया है। इसका एक मर्मस्पर्शी उदाहरण बीते दिनों इंदौर में दिखा। हुआ यूं कि नई-नई वर्दी मिलने से अहंकार में डूबे एक आइपीएस अफसर ने एक सच्चे, ईमानदार और परिश्रमी व्यापारी को चांटा मार दिया। वर्दी के गुरूर में डूबा आइपीएस यहीं नहीं रुका बल्कि व्यापारी व उसके छह-सात कर्मचारियों को थाने ले जाकर रातभर बेल्ट से पीटा। अगले दिन सुबह खबर आग की तरह फैली। महापौर से लेकर विधायक और उपमुख्यमंत्री तक ने व्यापारी के हाल-चाल पूछे और पुलिस के बड़े अफसरों को हड़काया। बात आइपीएस के ट्रांसफर तक की हुई। आइपीएस डर गया। किंतु व्यापारी ने उस अहंकारी आइपीएस पर कोई कार्रवाई न करने की बात कहकर क्षमा कर दिया। अब वह आइपीएस ग्लानि में डूबा हुआ है। व्यापारी ने उसे क्षमादान देकर जीवनभर के लिए अंदर ही अंदर शर्मिंदा होने का श्राप जो दे दिया है।

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