थाने की सुरक्षा 1 मिनट 23 सेकंड तक धुएं में उड़ती रही
अनजान युवक टीआई के कैबिन में घुसा, सिगरेट पीते हुए वीडियो बनाया, फिर चला गया, पुलिस ने न रोका न टोका
जूनी इंदौर थाने का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें गुरुवार सुबह 11 बजे युवक बेखौफ थाने में घुसा। टीआई के कैबिन में पहुंचा और वहां बैठा। फिर सिगरेट पीते हुए कह रहा है कि मैं शहर का डीएसपी हूं। थाने पर तफरी करने आया हूं। 1 मिनट 23 सेकंड का लाइव वीडियो युवक ने बनाया और फिर बेखौफ थाने से बाहर निकल गया। इसमें सबसे गंभीर चूक यह है कि इतना सब कुछ होता रहा फिर भी पुलिस ने न युवक को पकड़ा और न ही उसे एेसा करने से रोका। जिस दौरान यह वीडियो बनाया गया तब टीआई शैलेंद्र सिंह जादौन भी कुर्सी पर मौजूद नहीं हैं।
बताया जा रहा है कि उनकी शादी की सालगिरह थी, इसलिए वह छुट्टी पर थे। जब यह वीडियो वायरल हुआ तो पूरा मामला सामने आया। इसके बाद पुलिस ने लोहा मंडी क्षेत्र में देवश्री सिनेमा के पास घर से युवक को पकड़ा तो उसकी मां ने उसके मानसिक रूप से कमजोर होने की जानकारी दी। उसके मेडिकल दस्तावेज बताए। इस पर युवक को समझाइश देकर छोड़ दिया।
कैबिन में अहम दस्तावेज थे
टीआई के जिस कैबिन में युवक वीडियो बनाता रहा, वहां सभी तरह के दस्तावेज रखे थे। यदि स्टाफ इतना लापरवाह है तो कोई भी व्यक्ति थाने में घुसकर मालखाने और हथियार रखने के स्थान तक पहुंच सकता है और बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। किसी भी केस के दस्तावेज गायब कर सकता है। घटना के बाद अधिकारियों ने सभी थाने में पहरे पर लगे संतरियों को सख्ती से ड्यूटी के आदेश दिए हैं।
संत्री व हेड एचसीएम से लिखित में मांगा जवाब
एसीपी देवेंद्र सिंह धुर्वे ने बताया कि एक युवक का इस तरह से थाने में टीआई के कैबिन तक घुस जाना, वहां सिगरेट पीना गंभीर घटना है। संत्री और एचसीएम से लिखित में जवाब मांगा है। इनकी लापरवाही नजर आई है। वरिष्ठ अधिकारी मामले में इनके खिलाफ जांच कर एक्शन लेंगे।
आम लोग परेशान होते रहते हैं, थाना प्रभारी नहीं मिलते- मानसिक कमजोर युवक ने वीडियो रील बनाकर पुलिस सिस्टम की पोल खोली है। दरअसल, यह हाल केवल इंदौर के एक थाने का नहीं है, बल्कि शहर के अधिकांश थानों में टीआई 11 बजे के पहले नहीं पहुंचते। कई बार जनसुनवाई के पीड़ित लोग अफसरों के लिखे कागज लेकर थाने-थाने भटकते रहते हैं, लेकिन थाना प्रभारी समय पर पीड़ितों से नहीं मिलते।
