,मुख्यमंत्री मोहन यादव के पटवारी कलेक्टर के बाप बन रहे बयान की अलग अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही है,,, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद कुमार द्विवेदी ने सीएम के बयान को भ्रष्ट पटवारियों का आवरण बताते हुए सवाल उठाए हैं,,
,द्विवेदी ने बताया कि नामांकन , सीमांकन और बटांकन जैसे कार्यों का दायित्व तहसीलदार का है जबकि भ्रष्ट पटवारी इसको अंजाम दे रहे हैं,,ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार फैला हुआ है.. परंतु मुख्यमंत्री यादव को सिर्फ निचले स्तर पर पटवारियों का ही भ्रष्टाचार नजर आया… द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं अपने आप को कृषक भी बताते हैं तो क्या उन्हें यह नहीं मालूम की नामांतरण, सीमांकन या बटांकन का आवेदन तहसीलदार या फिर नायब तहसीलदार के नाम से दिया जाता है… मुख्यमंत्री प्रशासन के बड़े अधिकारियों कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार को बचाने का प्रयास कर रहे हैं और सिर्फ पटवारी को मोहरा बना रहे हैं..
