माणिक बाग ब्रिज के नीचे स्कूल बस की टक्कर में जान गवां चुके दीपक चावला के परिजनों को अंततः कुछ राहत मिल गई है। लंबे जाम और चर्चा के बाद स्कूल प्रबंधन ने मृतक दीपक की दोनों बेटियों की पढ़ाई की जिम्मेदारी ली है। इसके लिए बुधवार को परिजनों और घटना से गुस्साए लोगों को चक्काजाम का सहारा लेना पड़ा था। हालांकि अब पुलिस का कहना है की इस मामले में मजबूत प्रकरण तैयार कर कोर्ट में पेश किया जाएगा, जिससे परिजनों की सहायता हो सके।
इंदौर की मंगलवार की वह मनहूस दोपहर… जब माणिक बाग ब्रिज के नीचे 40 वर्षीय दीपक चावला को लॉरेंस स्कूल की बस ने जोरदार टक्कर मार जान ले ली। इस घटना से क्षेत्र के लोग दूसरे दिन भी गुस्से में दिखाई दिए। लोगों ने सुबह से सड़क पर जाम लगा दिया। इस हादसे में जिस दीपक की जान गई उनकी दो बेटियां है उनका हसता खेलता परिवार कब पूरी तरह से गमगीन हो गया किसी को समझ न आया।
हादसे के दूसरे दिन जैसे ही परिजनों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हुआ तो क्षेत्र और समाज के सभी लोग एकत्रित हो गए। घंटों तक जब सड़क जाम हुई तो जिम्मेदारों पर कुछ असर हुआ। पुलिस ने पूरे मामले में संजीदगी का परिचय दिया। मृतक की दोनों बेटियों की पढ़ाई की व्यवस्था स्कूल प्रबंधन से करवाई गई। इसके बाद परिजन कुछ राहत में दिखाई दिए
यह आश्वासन देने के लिए खुद पुलिस और ज़िला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद जाम खत्म हो गया। इसके बाद पुलिस के बड़े अधिकारियों ने पूरी चर्चा का अपडेट दिया।
दरअसल हादसे का शिकार हुए दीपक के न रहने से उनकी मासूम बेटियां और पत्नी पूरी तरह से निराश्रित हो गई है, जिन्हें अभी और मदद की दरकरार है। परिवार से जुड़े लोग चाहते है की एक सदस्य को सरकारी नौकरी, दोनों बेटियों की शादी के खर्च की व्यवस्था की जानी चाहिए।
