- ठगों के गिरोह ने बड़े सीमेंट कारोबारी से 45 लाख रुपये ठगे थे। युवक-युवती को लिया हिरासत में।
- हैदराबाद पुलिस ने इंदौर के तुकोगंज, विजय नगर भंवरकुआं, कनाड़िया लसूड़िया की फर्मों की जानकारी जुटाई।
- बंसी ट्रेड सेंटर में अल्गो एआइ कंपनी पर कार्रवाई की। आरोपित अब साफ्टवेयर की मदद से कर रहे हैं ठगी।
इंदौर से हिरासत में ली गई युवती ने दो युवकों के नाम बताए जो उज्जैन में फर्जी फर्म चला रहे हैं।
इंदौर। हैदराबाद पुलिस जाली एडवाइजरी फर्मों पर छापे मार रही है। इंदौर से युवती-युवक को हिरासत में भी लिया। इस गिरोह ने बड़े सीमेंट कारोबारी से 45 लाख रुपये ठगे थे। पुलिस ने तुकोगंज, विजय नगर, भंवरकुआं, कनाड़िया, लसूड़िया क्षेत्र की 10 से ज्यादा फर्मों की जानकारी जुटाई है।
पुलिस ने सबसे पहले सुदामा नगर निवासी पलक को हिरासत में लिया। युवती न्यू पलासिया स्थित एक इमारत से फर्म संचालित कर रही थी। उसने कुछ दिनों पूर्व तेलंगाना के सीमेंट कारोबारी से 45 लाख रुपये ठगे थे। पलक ने शिवांगी चंदेल और उसके भाई गौरव उर्फ आकाश का नाम बताया। दोनों उज्जैन के नानाखेड़ा व नीलगंगा थाना क्षेत्र में फर्जी फर्म संचालित कर रहे थे। पुलिस ने कम्प्यूटर, लैपटाप, मोबाइल सहित नकदी जब्त की और उनके सहयोगियों को ढूंढा।
कई क्षेत्रों में मारा छापा
विजय नगर, कनाड़िया, तिलक नगर, लसूड़िया, तुकोगंज और भंवरकुआं थाना क्षेत्र में चल रही फर्मों पर भी टीम पहुंची। बंसी ट्रेड सेंटर में अल्गो एआइ कंपनी पर कार्रवाई की। स्मार्ट अल्गो एडोनोमिस्ट पर भी पुलिस पहुंची। आरोपित अब साफ्टवेयर की मदद से ठगी कर रहे हैं।
गड़बड़ी करने वाले टीआइ और सिपाही फंसे
इंदौर। धोखाधड़ी कर रही एडवाइजरी फर्म की जांच में गड़बड़ी करने वाले टीआइ, एसआइ और सिपाही फंस गए। डीसीपी ने जांच कर चार्जशीट सौंपी। आरोप है कि 50 हजार रुपये मांगे गए थे। एक आरोपित को छोड़ा भी था।
साठगांठ कर एक आरोपित को छोड़ दिया
खजराना थाने के तत्कालीन टीआइ दिनेश वर्मा ने वेलोसिटी के पास से फर्जी एडवाइजरी कंपनी पकड़ी थी। पुलिस ने संचालक शुभम और साथी राजेश को हिरासत में लिया। साठगांठ कर राजेश को छोड़ दिया। शुभम के फर्जी साइन कर अन्य लोगों को धमकाया।
गड़बड़ी में मिली इनकी भूमिका
मामले की तत्कालीन एसीपी जयंत राठौर से जांच करवाई तो आरोपितों की पुष्टि हुई। टीआइ दिनेश वर्मा, एसआइ मुकेश जरिया, सिपाही लोकेंद्र, शशांक और देवेंद्र की भूमिका गड़बड़ी में पाई गई। डीसीपी ने दोषियों को चार्जशीट सौंप दी है। वर्मा फिलहाल साइबर सेल में पदस्थ है। उनके खिलाफ लोकायुक्त में भी केस दर्ज है।
