रावजी बाजार पुलिस ने 2 करोड़ 8 लाख की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करने के मामले में एक वकील को आरोपी बनाया है। बताया जाता है कि रजिस्ट्रार ऑफिस में इस तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया है। वकील ने रजिस्ट्री के लिए स्टाम्प शुल्क तो ले लिया, लेकिन स्टाम्प किसी दूसरी रजिस्ट्री के लगा दिए। पूर्व कलेक्टर इलैया राजा टी की जांच में पूरे मामला खुला। इस आधार पर पुलिस ने गुरुवार को एफआईआर दर्ज कर ली। रावजी बाजार पुलिस के मुताबिक किसान नरेंद्र पुत्र भगवान जाट निवासी ग्राम हतुनिया की शिकायत पर पुलिस ने वकील मोहम्मद शहीद खान निवासी समर्थ पार्क एबी रोड महू के खिलाफ 420, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज किया है। नरेंद्र ने अपने बयान में बताया कि उसने लीलाबाई पति सीताराम और शकुंतला पति लालू प्रसाद से उनकी पुश्तैनी जमीन 2 करोड़ 8 लाख में खरीदी थी, जिसकी रजिस्ट्री नियमानुसार एडवोकेट एमएस खान के माध्यम से एडवोकेट शैलेंद्र चौहान से कराई। कब्जा लेने के साथ नामांतरण के लिए आवेदन दिया तो पता चला कि रजिस्ट्री में जो स्टाम्प लगे हैं, वे किसी दूसरी रजिस्ट्री के हैं। नरेंद्र के मुताबिक उन्होंने रजिस्ट्री के लिए खान को 32 लाख रुपए दिए थे। यह पैसा उन्होंने रजिस्ट्रार ऑफिस में जमा नहीं किये। इस मामले में रजिस्ट्रार के आदेश पर एक आवेदन पुलिस के वरिष्ठ अफसरों तक पहुंचा। जांच के बाद पूरी कार्रवाई की गई। इस मामले में शिकायत मिलने पर पूर्व कलेक्टर इलैया राजा टी ने नरेंद्र जाट, लीलाबाई और शकुंतला को बयान के लिए तलब किया। जमीन को खरीदी-बिक्री को लेकर पूछताछ की। दोनों पक्षों के दस्तावेज सही निकले, लेकिन रजिस्ट्री से पोल खुल गई
