इंदौर के भंवरकुआं थाना प्रभारी के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सहायक पुलिस आयुक्त जूनी इंदौर को शुक्रवार को ज्ञापन सौंपा है। एबीवीपी पदाधिकारियों के अनुसार पिछले दिनों डीएवीवी के आईईटी में गरबा कार्यक्रम का आयोजन हुआ था, जिसमें आयोजकों ने नशे में धुत्त होकर विश्वविद्यालय छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की थी। विरोध करने पर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के साथ लाठी-डंडे से मारपीट की गई घटना के तुरंत बाद ही एबीवीपी के कार्यकर्ता शिकायत दर्ज करने के लिए भंवरकुआं थाने पहुंचे थे, लेकिन उस दौरान थाने पर मौजूद थाना प्रभारी राजकुमार यादव ने सामान्य धाराओं में शिकायत दर्ज कर ली। छेड़छाड़ की घटना से संबंधित धाराओं में शिकायत दर्ज नहीं की। न ही पुलिस प्रशासन ने आयोजकों का नशे में होने का मेडिकल चेकअप कराया।
पुलिस लंबे समय से छात्रों के साथ छेड़छाड़, दुर्व्यवहार कर नशे करने वाले लोगों को संरक्षण दे रही है। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों में नशे के व्यापारीकरण को बढ़ावा दिया जाता है। शैक्षणिक संस्थानों में नशे की गतिविधियां बढ़ रही है।पीएम श्री अटल बिहारी कॉलेज में आंदोलन के दौरान भी पुलिस ने छात्राओं के साथ धक्का-मुक्की की गई और पीछे हटाने के नाम पर छेड़छाड़ की गई थी।
