ब्लैकमेलर टीचर वसूल चुकी थी ढाई लाख…

By Abhishek Raghuvanshi
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भागीरथपुरा में रहने वाले बीफार्मा के स्टूडेंट गौरव हाडा के सुसाइड मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गुरुवार को भागीरथपुरा चौकी पर बयान देने पहुंचे गौरव के पिता ने अनुसार ब्लैकमेल करने वाली टीचर बेटे गौरव से लगभग ढाई लाख रुपए वसूल चुकी थी। बेटे को जब उन्होंने रुपए निकालते पकड़ा और पूछताछ की तो उसने रोते हुए पूरी बात बताई। उसने बताया कि कोचिंग से घर आने-जाने के दौरान टीचर ने उसने दोस्ती बढ़ा ली थी। वह भागीरथ पुरा इलाके में रहती थी। गौरव टू-व्हीलर से आता-जाता था। कई बार आने-जाने में उसने मदद की। इसी का फायदा टीचर ने उठाया। उसे पॉकेट मनी भी अच्छी देते थे। इसलिए उसके पास खर्च के लिए काफी रुपए रहते थे। इकलौता बेटा होने के चलते उसके शौक में कमी नहीं आने दी। शायद इकलौता बेटा होने के चलते लड़की को पता था कि इसे ब्लैकमेल किया जा सकता है। इज्जत की ख़ातिर जो कहूंगी वो करेगा। महिला थाने के टीआई और एसआई ने भी यही कहा था कि इकलौता बेटा जेल चला जाएगा तो छुड़ाना मुश्किल हो जाएगा।गौरव के पिता राजू हाडा और उनके परिवार के चार सदस्यों को गुरुवार को थाने से कॉल कर बयान के लिए बुलाया गया था। यहां उन्होंने बातचीत में बताया, बेटे का उसकी इंग्लिश टीचर ने काफी फायदा उठाया। एक सप्ताह पहले जब बेटे को रुपए निकालते हुए पकड़ा तो उससे पूछा। उसने रोते हुए पूरी बात बताई। तब उसने बताया कि करीब 2.5 लाख से ज्यादा रुपए वह उस पर खर्च कर चुका है। लेकिन उसके बाद भी वह और रुपए की मांग करती है। उसे घुमाने और शॉपिंग करने के लिए दबाव बनाती है। मैंने कहा था कि उसके कॉल ना उठाए और ना ही मैसेज करे। इसके बाद बेटे ने उससे बात नहीं की। बेटे ने बात बंद की तो टीचर उसकी मां के साथ घर आ गई। जब मैंने उससे बेटे द्वारा दिए गए रुपए मांगे, तो वह उल्टा बेटे पर आरोप लगाने लगी कि उसने मेरे बेटे पर बहुत रुपए खर्च किए हैं। जो उसे वापस चाहिए। नहीं तो वह महिला थाने में रेप की शिकायत करेगी। इस पर उसकी मां को समझाया। लेकिन वह नहीं मानी और अपनी बेटी को सही बताने लगी। मेरे घर से वह सीधे महिला थाने गई और वहां मनगढंत आरोप लगाए।गौरव के पिता ने बताया कि जब वह महिला थाने पहुंचे तो वहां गौरव ने अपना मोबाइल दिखाने की कोशिश की। इस पर एसआई ने उसके हाथ से मोबाइल छीन लिया और कहा कि हम पुलिस हैं हम सब देख लेंगे। तू होशियारी मत दिखा। हमें टीआई के केबिन में ले गए। यहां भी बुरा-भला कहा। बार-बार यही कहते रहे कि इकलौता बेटा है, अगर उलझ गया तो पसीने छूट जाएंगे। केबिन में और भी लोग बैठे थे उनके सामने भी काफी बुरा-भला कहा। बेटे के कारण मजबूर थे। इसलिए चुप रहे। जैसा उन्होंने कहा उस पर हां की और 45 हजार रुपए देकर आ गए। बेटे के मोबाइल से एसआई और टीआई ने बहुत सारी चीजें डिलीट की हैं। जिससे केस में मदद मिल सकती थी।

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