खुजली के ईलाज में, डॉक्टर ने ले ली आयुष्मान कार्ड की पूरी राशि, फिर भी मरीज की जान पर बन आई !
जनसुनवाई में की शिकायत, एसडीएम का फोन भी नही उठा रहे डॉक्टर
इंदौर। (राजेन्द्र के.गुप्ता/सात्विक गुप्ता 9827070242) विजय मस्के नाम के 39 वर्षीय व्यक्ति के पैर में खुजली हुई, वो डॉ.संदीप चौधरी (बीएचएमएस, संजीवनी हेल्थ क्लिनिक, नगीन नगर, इंदौर) को दिखाने गया, कथित डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लगाया और दवाइयां दी, जिससे खुजली ठीक होने की बजाए पैर में घाव हो गए।
अरविंदो में कर दिए 06 ऑपरेशन,फिर भी मरीज की हालात में सुधार नहीं हुआ —
मरीज विजय को अरविंदो में भर्ती करना पड़ा, अरविंदो के डॉक्टर ने विजय की स्थिति गंभीर बता कर, जान का खतरा बताते हुए, भर्ती कार्ड पर अंगूठा लगाने वाली पत्नी से, हिंदी में लिखवा लिया की मरीज की जान को खतरा है, हम आईसीयू में भर्ती करने की सहमति देते है, पूरी रिस्क मरीज के परिजन की है ! अरविंदो में अब तक विजय के पैर के छः ऑपरेशन कर दिए गए है, पर विजय का मर्ज ठीक होने की बजाए बढ़ता जा रहा है, विजय की शारीरिक हालात में सुधार नहीं हुआ, बीमारी बढ़ती गई।
आयुष्मान कार्ड के 05 लाख पूरे खर्च होना बता दिया —
अरविंदो के डॉक्टरों ने आयुष्मान कार्ड के पूरे 05 लाख खर्च हो जाना बोल कर, विजय की पत्नी मीना और भाई राजू को 20 हजार नगद राशि जमा करने का बोला, राशि जमा नही करने पर विजय का ईलाज बंद कर दिया। आयुष्मान कार्ड के अतिरिक्त पहले भी 20 हजार रुपए से अधिक जमा करवा लिए थे।
जनसुनवाई में शिकायत, एसडीएम भी लाचार
विजय की पत्नी मीना और भाई राजू 9926612421 ने दिनांक 16/01/2024 को इंदौर कलेक्टर की जनसुनवाई में दस्तावेजों सहित लिखित शिकायत की जिसका कंप्यूटर कोड 359849 है, जनसुनवाई शिकायत के लिए कलेक्टर ने एसडीएम मल्हारगंज ओमनारायण सिंह बड़कुल की अधिकृत किया। एसडीएम ने अरविंदो के डॉक्टर को फोन लगाया एक बार बार होने के बाद डॉक्टर ने एसडीएम का फोन उठाना ही बंद कर दिया। गरीब विजय की पत्नी मीना और भाई राजू दर दर भटक रहे है, उनकी जमा पूंजी खत्म हो गई है। विजय की पत्नी की तरह प्रशासन भी विजय का ईलाज करवाने में लाचार नजर आ रहा है। अरविंदो के डॉक्टरों ने जो लिखा पढ़ी विजय की पत्नी से करवा ली है उसे देख कर लगता है विजय की जान पर बन आई है, विजय के छोटे छोटे बच्चे है, इस स्थिति में कितनी बददुआएं पूरे सिस्टम को मिल रही होंगी, वो कब क्या असर दिखाएंगी पता नही, जिम्मेदारों ने अगर गंभीरता से तत्काल सख्त एक्शन नहीं लिया तो एक दो दिन में इंदौर की मेडिकल व्यवस्था और प्रशानिक नियंत्रण दोनो पर सवाल उठेंगे…..हमने विजय को एम वॉय सिफ्ट करने का सुझाव विजय के भाई को दिया है किंतु राजू का कहना है, हमारे पास जितने रुपए थे अरविंदो में ले लिए गए है, अब एम वॉय सिफ्ट करने की व्यवस्था भी नही है, गजब है इंदौर के डॉक्टरों का ईलाज खुजली की बीमारी में भी इतने ऑपरेशन कर दिए जाते है, फिर भी मरीज की जान पर बन आती है, एसी घटनाएं ही इंदौर के चिकित्सा जगत को बदनाम करती है, बड़े बड़े नामी डॉक्टर होने का दावा करने वाले डॉक्टरों, अस्पतालों को भी विज्ञापन देकर मरीज बुलाने पड़ते है…
