फिरौती लेकर डिग्री लेने रुस जाना चाहती थी नर्सिंग छात्रा, करा था फर्जी अपहरण का नाटक

By Abhishek Raghuvanshi
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  • पुलिस के दबाव के कारण दोस्तों ने मदद से इन्कार कर दिया। डर के कारण दोनों बगैर टिकट के अमृतसर पहुंचे और गुरुद्वारा में रुके।
  • शिवपुरी की काव्या और हर्षित को कोटा ले गई पुलिस

खुद के अपहरण की साजिश कर 30 लाख रुपये मांगने वाली नर्सिंग छात्रा काव्या और उसके दोस्त हर्षित को कोटा पुलिस ले गई। काव्या ने अपराध शाखा के समक्ष स्वीकारा कि वह डिग्री लेने रुस जाना चाहती थी।आगे की पूछताछ कोटा पुलिस करेगी।
बैराड़ (शिवपुरी) निवासी काव्या ने 18 मार्च को अपहरण की सूचना दी थी।काव्या ने हाथ-पैर और मुंह बंधे फोटो भेजे और कहा कि उसका अपहरण हुआ है। स्कूल संचालक पिता रघुवीर से रिहाई के बदले 30 लाख रुपये मांगे। अपराध शाखा ने मंगलवार को काव्या धाकड़ और हर्षित यादव को शिवाजीनगर (देवगुराड़िया) से सुरेंद्र सिंह के मकान से पकड़ लिया। दोनों ने पूछताछ में बताया कि साजिश का खुलासा होने पर दोनों घबरा गए थे। उनके पास रुपये भी समाप्त हो गए थे। पुलिस के दबाव के कारण दोस्तों ने मदद से इन्कार कर दिया। डर के कारण दोनों बगैर टिकट के अमृतसर पहुंचे और गुरुद्वारा में रुके।
लंगर खाया और दिन गुजारते रहे। इंटरनेट मीडिया पर उनके बारे में प्रकाशित खबरें पढ़ी और पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखी। जैसे ही पुलिस की सक्रियता घटी देवगुराड़िया में रुम ले लिया। पूछताछ में छात्रा ने बताया कि माता-पिता उसे नर्सिंग का कोर्स करवाना चाहते थे।

उस पर पढ़ाई का दबाव था। वह स्वजन को निराश नहीं करना चाहती थी। हर्षित के साथ साजिश की और सोंचा रुस जाकर डिग्री ले लेगी। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक कोटा के विज्ञाननगर थाना में अपहरण की एफआईआर दर्ज है। कोटा में कथन दर्ज होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

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