मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता प्रमोद कुमार द्विवेदी शहर के बदहाल कुएं और बावड़ियों को लेकर लागतार मैदान में है,, शहर की 550 से अधिक यह प्राचीन जल के साधन दुर्दशा के शिकार है,,,
, शहर के एक प्राचीन स्थान का नाम पंचकुइया ऐसे ही नही पड़ा दरअसल एक ही स्थान पर पांच कुएं होने के कारण यह नाम पड़ा लेकिन वर्तमान इसे सहेजने में असमर्थ है,, ऐसी ही दुर्दशा कृष्णपूरा छत्री की है जहां 11 कुएं आज भी आस्तित्व में तो है लेकिन इनको सहेजने की दरकार है,,, दिव्वेदी ने सवाल उठाया है कि प्राचीन जल साधनों पर निगम और प्रशासन मौन क्यों हैं जबकि यह स्त्रोत जीवित है,,
