‘पत्‍नी से आंख नहीं मिला पा रहा हूं’, अस्‍पताल में भर्ती दुष्‍कर्म के आरोपी कैदी ने लगाई फांसी

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर के एमवाय अस्‍पताल में बने जेल वार्ड में एक कैदी ने फांसी लगाकर आत्‍म हत्‍या कर ली। उसने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह जीने के लायक नहीं है। हिरासत में हुई मौत के मामले में न्यायिक जांच के आदेश हुए है। घटना स्थल की वीडियोग्राफी कर ली गई है। वार्ड में मौजूद कैदियों के कथन लिए जा रहे है।पुलिस की लापरवाही की भी जांच होगी।
24 वर्षीय महेंद्र प्रजापत पर था दुष्‍कर्म का आरोप।
मामले में राऊ पुलिस ने उसे किया था गिरफ्तार।
23 दिसंबर को हार्निया का ऑपरेशन हुआ था।
इंदौर। विचाराधीन कैदी महेंद्र सुजाराम प्रजापत ने एमवाय अस्पताल के जेल वार्ड में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। 24 वर्षीय महेंद्र को राऊ पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसका 23 दिसंबर को हार्निया का ऑपरेशन हुआ था। पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला है। घटना की न्यायिक जांच के आदेश हुए हैं। जेल अधीक्षक अलका सोनकर के मुताबिक महेंद्र को ऑपरेशन के बाद अस्पताल के जेल वार्ड में शिफ्ट कर दिया था। वार्ड में अन्य कैदी भी भर्ती है। सुबह करीब साढ़े पांच बजे एक कैदी ने उसे बेहोश अवस्था में देखा और गार्ड को बुलाया। पुलिसकर्मी और गार्ड महेंद्र को बचाने की कोशिश की लेकिन उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही संयोगितागंज पुलिस और एफएसएल अफसर मौके पर पहुंच गए।
सुसाइड नोट में लिखा-मैं जीने लायक नहीं हूं
एसीपी तुषारसिंह के मुताबिक मूलत:नयागांव चौपड़ा(राजस्थान)निवासी महेंद्र को राऊ पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कर सेंट्रल जेल भेजा था।
हार्निया का ऑपरेशन पत्नी की उपस्थिति में हुआ था। देखभाल के लिए महेंद्र को जेल वार्ड में रखा था। कैदियों ने बताया महेंद्र दर्द के कराह रहा था।
कैदी ही उसको बाथरूम से घसीट कर वार्ड में लेकर आए। उसके गले में फांसी का निशान था।
महेंद्र ने सलाइन(नली) से फांसी लगाई है। मौके से सुसाइड नोट मिला है।
उसने लिखा कि मैं जीने लायक नहीं हूं। जिंदगी से परेशान हो चुका हूं। पत्नी से आंख नहीं मिला पा रहा हूं। एसीपी के मुताबिक महेंद्र हलवाई का काम करता था।

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