- सराफा में चाट-चौपाटी को लेकर तकरार। नगरीय प्रशासन मंत्री को पत्र लिखकर जताई आपत्ति।
इंदौर। सराफा चाट चौपाटी के संचालन के लिए निगमायुक्त द्वारा गठित समिति कामकाज शुरू करने से पहले ही विवाद में पड़ गई। महापौर परिषद के सदस्य और राजस्व विभाग प्रभारी निरंजन सिंह चौहान ने समिति का विरोध करते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि सराफा बाजार में रात में लगने वाली चाट चौपाटी का संबंध मार्केट एवं स्वास्थ्य विभाग से है, बावजूद इसके राजस्व विभाग प्रभारी से कोई चर्चा नहीं की गई। मार्केट एवं स्वास्थ्य विभाग की राय और महापौर परिषद की जानकारी के बगैर इस समिति का गठन किया गया है। यह महापौर परिषद के अधिकारों का हनन है।
महापौर के माध्यम से गठन कराने की मांग
चौहान ने समिति गठन के आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। इधर निगमायुक्त द्वारा समिति में शामिल किए गए एमआइसी सदस्य राजेंद्र राठौर भी समिति के विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने निगमायुक्त को पत्र लिखकर समिति गठन महापौर के माध्यम से करने की मांग की है।
निगमायुक्त को समिति गठन का अधिकार नहीं
गौरतलब है कि निगमायुक्त हर्षिका सिंह ने सराफा बाजार में रात्रिकालीन चाट चौपाटी के संचालन के लिए सात सदस्यीय समिति गठित की थी। इस समिति में महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर, राकेश जैन, पार्षद मीता राठौर, अपर आयुक्त सिद्धार्थ जैन, भवन अधिकारी अनूप गोयल, सहायक यंत्री वैभव देवलासे और फायर अधिकारी विनोद मिश्रा को शामिल किया गया था। महापौर परिषद सदस्य इसी समिति का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि निगमायुक्त को समिति गठित करने का अधिकार ही नहीं है। उन्होंने समिति गठित कर महापौर परिषद के अधिकारों का उल्लंघन किया है।
काम शुरू नहीं हुआ
निगमायुक्त ने 8 फरवरी को समिति गठित की थी। समिति ने अब तक काम ही शुरू नहीं किया और इसके पहले ही समिति गठन को लेकर विवाद शुरू हो गया।
