आरोपित को पॉक्सो एक्ट की धारा 5 एल/6, 5 एम/6, 5 एन/6 तीनों में दोषी मानते हुए पृथक-पृथक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ में धारा 506 व भादंवि में एक वर्ष के सश्रम कारावास से भी दंडित किया है।
इंदौर। अपर सत्र न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कृत्य करने वाले युवक को तिहरे आजीवन कारावास से दंडित किया है। 2021 में दर्ज प्रकरण पर निर्णय सुनाते हुए अपर सत्र न्यायालय व विशेष न्यायालय पोक्सो एक्ट ने आरोपित राहुल मुजाल्दे (22) को दोषी माना।
आरोपित को पॉक्सो एक्ट की धारा 5 एल/6, 5 एम/6, 5 एन/6 तीनों में दोषी मानते हुए पृथक – पृथक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ में धारा 506 व भादंवि में एक वर्ष के सश्रम कारावास से भी दंडित किया है। आरोपित पर कुल 6500 रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया है। शासन को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित बालिका को दो लाख रुपये की राशि प्रतिकर के तहत दिलाई जाए।
आरोपित बालिका ने अप्रैल 2021 में भंवरकुआं थाने में शिकायत की थी कि रिश्ते में उसका मामा लगने वाला आरोपित उसके घर आता-जाता रहता है। सब्जी मंडी में हम्माली करने वाला आरोपित दस वर्ष की तभी से उसे धमका कर उसके साध दुष्कृत्य कर रहा था। लगातार तीन वर्षों तक उसके साथ दुष्कृत्य करता रहा व जान से मारने की धमकी देता रहा।
डर के मारे नाबालिग बार-बार अपने घर से भाग जाती थी। उसके घर से भागने से परेशान होकर उसकी मां ने उसे बाल आश्रम में रखवा दिया। बाल आश्रम की मैडम ने उसकी काउंसलिंग की तो उसने पूरी घटना बताई। बाद में बालिका की रिपोर्ट पर आरोपित के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।
