ड्रिंक एंड ड्राइव मामले में लसुड़िया पुलिस थाना प्रभारी तारेश कुमार सोनी सहित सभी पुलिस कर्मियों के खिलाफ फिलहाल एफआईआर नहीं होगी। हाई कोर्ट ने जिला न्यायालय द्वारा 29 जून को दिए गए आदेश पर रोक लगा दी है।
प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी जयकुमार जैन ने 29 जून को पुलिस जोन 2 के उपायुक्त और लसुड़िया पुलिस थाना प्रभारी सहित आठ के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 200, 203, 218, 465, 468, 471 और 3 के तहत अपराध पंजीबद्ध करने के आदेश दिए थे।
आरोप है कि ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले में इन अधिकारियों ने दस्तावेजों में छेड़छाड़ की है। पुलिस ने शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए जिन रसूखदारों को पकड़ा था, उनके बजाय उनके नौकर या ड्राइवर के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश कर दिया। दस्तावेजों में भी नाम बदलते हुए छेड़छाड़ की गई थी। लसुड़िया पुलिस थाने में इस तरह के चार अलग-अलग मामले सामने आने के बाद कोर्ट ने इस संबंध में उपायुक्त जोन 2 से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन उनका कोई स्पष्टीकरण नहीं आया।
जिला न्यायालय के आदेश को निरस्त करने की गुहार लगाते हुए वकील के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। बुधवार को न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर की एकलपीठ के समक्ष इसकी सुनवाई हुई। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के तर्कों को सुनने के बाद जिला न्यायालय के 29 जून के आदेश पर रोक लगा दी है।
