जिसके खिलाफ कोर्ट ने जारी किया स्थायी वारंट, इंदौर पुलिस उसे नहीं कर रही गिरफ्तार

By Abhishek Raghuvanshi
2 Min Read

रिटायर्ड महाप्रबंधक ने चीफ जस्टिस को पत्र याचिका भेजकर की शिकायत। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग।
इंदौर। ओएनजीसी के रिटायर्ड महाप्रबंधक ने मप्र हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधिपति को पत्र याचिका भेजकर पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पत्र याचिका में कहा है कि धोखाधड़ी के आरोपित के खिलाफ कोर्ट ने स्थायी वारंट जारी किया हुआ है, उसे पुलिस जानबूझकर नहीं पकड़ रही है। याचिका में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है।पत्र याचिका याचिकाकर्ता नरेंद्र कुमार जोशी ने प्रस्तुत की है। उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी एवं जालसाजी के आरोपित मनोज त्रिवेदी ने उनके साथ 38 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। यह रकम आरोपित ने फरियादी से वृद्धाश्रम के लिए जमीन दिलवाने और उस पर भवन बनाने में मदद करने के लिए लाभकारी निवेश का झांसा देकर अलग-अलग खातों में जमा करवाई थी। मामला जिला न्यायालय में लंबित है। इसमें आरोपित का स्थायी वारंट जारी हुआ है।
पुलिस ने दिया वीआइपी ट्रिटमेंट
याचिका में कहा है कि फरियादी को पता चला कि आरोपित मनोज द्विवेदी जबलपुर में एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने वाला है। इस पर फरियादी के आग्रह पर आजाद नगर पुलिस थाने के दो पुलिसकर्मी वहां गए और उसे कार से इंदौर लाने के लिए निकले भी। दोनों पुलिसकर्मियों को पता था कि आरोपित मनोज रास्ते में भाग सकता है, बावजूद इसके उन्होंने उसे वीआइपी ट्रिटमेंट दिया और अलग कार से इंदौर आने दिया। लापरवाही के चलते आरोपित भोपाल से फरार हो गया। याचिका में मांग की गई है कि विधि विरुद्ध आचरण करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए।

Exit mobile version