इंदौर के प्रशासनिक संकुल में आज से नई व्यवस्था और नए स्वरूप में जनसुनवाई शुरू हो गई है। इस नई व्यवस्था के तहत सुनवाई की विकेन्द्रीकृत व्यवस्था की गई है। अधिकारियों से मिलने के लिए आवेदकों को कतार में नहीं लगना होगा तथा उन्हें इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। अधिकारियों के कक्ष में आवेदक सीधे पहुंचकर अपनी समस्याएं बता सकेंगे।
कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि निराकरण की हर सप्ताह समीक्षा की जाएगी।
ऐसे आवेदक जिनकी अधिकारियों द्वारा सुनवाई नहीं हुई उनसे कलेक्टर बात करेंगे।
अधिकारियों द्वारा समस्याओं के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर। कलेक्टर कार्यालय में आज से जनसुनवाई शुरू हो गई है। अब समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए आवेदकों को घंटो इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अधिकारी अपने कक्ष में बैठक आवेदकों की समस्याएं सुनेंगे और निराकरण भी करेंगे। आवेदकों को कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रशासनिक संकुल में नई व्यवस्था और नए स्वरूप में जनसुनवाई शुरू हो गई है। इस नई व्यवस्था के तहत सुनवाई की विकेन्द्रीकृत व्यवस्था की गई है। अधिकारियों से मिलने के लिए आवेदकों को कतार में नहीं लगना होगा तथा उन्हें इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। अधिकारियों के कक्ष में आवेदक सीधे पहुंचकर अपनी समस्याएं बता सकेंगे। अधिकारी इन समस्याओं का टीप अंकित करते हुए त्वरित और सकारात्मक निराकरण सुनिश्चित करेंगे। आवेदनों की निराकरण की कलेक्टर हर सप्ताह मानिटरिंग करेंगे। इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह प्रत्येक सप्ताह मॉनिटरिंग करेंगे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनसुनवाई में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने-अपने कक्षों में मौजूद रहें। आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुने। समस्याओं का तत्काल एवं सकारात्मक निराकरण सुनिश्चित करें। निराकरण की टीप आवेदक के आवेदन पर लिखें। इसकी एंट्री निर्धारित पोर्टल पर भी करें।
कलेक्टर ने कहा कि निराकरण की हर सप्ताह समीक्षा की जाएगी। मैं हर जनसुनवाई में कोर्ट रूम में मौजूद रहूंगा और ऐसे आवेदक जिनकी अधिकारियों द्वारा सुनवाई नहीं हुई है उन्हें में सुनूंगा। अधिकारियों द्वारा समस्याओं के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पोर्टल पर दर्ज होंगे आवेदन
सभी विभागों को जन आकांक्षा पोर्टल के आई.डी. पासवर्ड दिए गए हैं। जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों पर कार्यवाही हेतु मार्गदर्शी निर्देश (एस.ओ.पी.) जारी की गई है। आवेदन ऑनलाईन दर्ज कर संबंधित विभाग को भेजा जाएगा।
आवेदक को मूल आवेदन पत्र पर कमरा नंबर अंकित कर संबंधित अधिकारी के पास भेजा जाएगा। विभागीय अधिकारी द्वारा अपनी टीप आवेदन पर अंकित की जाएगी। आवेदन का निराकरण ऑनलाईन पोर्टल पर दर्ज करना होगा। संबंधित एडीएम द्वारा 15 दिवस में आवेदनों की समीक्षा की जाएगी।
