खजूरी बाजार में स्टेशनरी का कारोबार करने के बहाने व्यापारियों से 53 लाख की धोखाधड़ी करने वाले पिता-पुत्र को क्राइम ब्रांच ने रायपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिता-पुत्र पाकिस्तान से आकर भारत में बसे थे। कुछ साल छत्तीसगढ़ में रहने के बाद इंदौर में स्टेशनरी का कारोबार शुरू किया। यहां व्यापारियों से व्यावसायिक संबंध बनाने के बाद धोखा देकर भाग गए थे।
क्राइम ब्रांच की ईओडब्ल्यू विंग एसीपी सौम्या अग्रवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सुरेश लालवानी और उसका बेटा संजय लालवानी है। दोनों वर्ष 1993 में पाकिस्तान से भारत आकर बसे थे। 2011 तक यहां रहने के दौरान इन्हें भारतीय नागरिकता मिल गई थी।
इन दोनों ने कुछ वर्षों तक छत्तीसगढ़ में व्यापार किया। फिर 2022 में ये इंदौर आ गए और खजूरी बाजार में मॉडर्न कॉपी हाउस व संजय स्टेशनरी नाम से शॉप खोल ली। एक साल तक ये यहां बाजार में ब्रांडेड कंपनियों के डीलर, डिस्ट्रीब्यूटर से थोक में माल लेकर रिटेल व्यापारियों को बेचते रहे। व्यापार के दौरान रिटेल व्यापारियों से अच्छे संबंध बना लिए।
सस्ता माल बेचा, बाजार से कैश लेकर भागे
आरोपी पिता-पुत्र ने इंदौर के डीलर्स से ईयर एंडिंग का माल सस्ते में ले लिया। उस माल को और सस्ते में बेचने का बोलकर रिटेलर व्यापारियों से कैश में रुपया ले लिया। इसके बाद माल भी उन्हें नहीं दिया। इस तरह धोखाधड़ी कर रुपया लेकर भाग गए।
दुकान-मकान छोड़कर रायपुर भागे
करीब 53 लाख राशि जुटाने के बाद ये दुकान-मकान छोड़कर रायपुर भाग निकले। ये दुकान-मकान पर भारी लोन लेकर हज्म कर चुके थे। कई व्यापारियों से जब ब्रांडेड कंपनियों के डीलर्स ने उनके माल को लेकर बात की तो उन्होंने व्यापारी पिता-पुत्र पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए। इधर, मकान व दुकान छोड़कर भागे थे, उन पर लोन होने से बैंक ने उनकी संपतियां कुर्क कर ली थीं। दोनों पर क्राइम ब्रांच ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था, एक साल से इनकी तलाश थी।
महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और झारखंड में काटी फरारी
धोखाधड़ी के बाद आरोपी पिता-पुत्र इंदौर से भागकर महाराष्ट्र फिर झारखंड और छत्तीसगढ़ में रहे। यहीं पर इन्होंने अपने नाम और पहचान बदलकर फरारी काटी। एक साल से क्राइम ब्रांच इनके पीछे लगी थी। तकनीकी आधार पर इन तक पहुंच पाई।
