आरोपितों ने मांग की थी कि एसआइटी पेन ड्राइव या सीडी जब्त कर फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के साथ कोर्ट में पेश करे।
इंदौर। मध्य प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में खलबली मचाने वाले हनी ट्रैप कांड में पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ से सीडी जब्त करने और कोर्ट में पेश करने का आरोपितों का आवेदन कोर्ट ने खारिज कर दिया। कांड में आरोपित श्वेता जैन, बरखा सोनी, आरती दयाल, अभिषेक, रूपा और अन्य ने धारा 91 के तहत कोर्ट में आवेदन पेश करते हुए मांग की थी कि जांच कर रही एसआइटी पेन ड्राइव या सीडी जब्त कर फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के साथ कोर्ट में पेश करे। कमल नाथ ने एक आनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में ऐसी सीडी का जिक्र किया था। बीते दिनों से लगातार इस पर बहस जारी थी।
कोर्ट ने यह कहा
शनिवार को कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए आदेश पारित किया कि अभियोजन या जांच एजेंसी ने ऐसी किसी सीडी को अपनी जांच का हिस्सा नहीं बताया है। धारा 173(8) में अनुसंधान सुरक्षित रखा गया है, लेकिन आगे जांच में ऐसी सीडी या पेनड्राइव का उल्लेख नहीं है। ऐसे में आरोपितों का धारा 91 का आवेदन सिर्फ संभावनाओं पर आधारित है। इस आधार पर कोर्ट ने आवेदन को निरस्त कर दिया। हनीट्रैप मामले की जांच को लेकर अब अगली बहस 9 मार्च को होगी।
