इंदौर में एक ऑटो ड्राइवर ने जहर खा लिया। हालांकि पुलिस वाले घटना स्थल पर पहुंच चुके थे लेकिन वे उसका वीडियो बनाने में व्यस्त रहे। इस बीच वह तड़पता रहा। इलाज में देरी के चलते उसकी मौत हो गई। इसके चलते उसके घर वालों को अब पुलिस से शिकायत है।
ऑटो ड्राइवर श्यामलाल यादव ने की खुदकुशी।
मृतक के परिजनों ने बड़े भाई पर लगाया आरोप।
पुलिस और एंबुलेंस के रवैये से भी हैं नाराज़।
इंदौर। शहर में एक ऑटो चलाने वाले व्यक्ति श्यामलाल यादव ने जहर खा लिया। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे मगर उसका वीडियो बनाते रहे। उपचार में देरी हो गई और श्यामलाल की मौत हो गई। ऑटो रिक्शा ड्राइवर श्यामलाल के स्वजन ने बड़े भाई ओमप्रकाश पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। पुलिस और एम्बुलेंस(108)से भी नाराज है। घटना बाणगंगा थाना अंतर्गत प्रिंसनगर की है। 45 साल के श्यामलाल के भांजे अमन यादव के मुताबिक सबसे बड़े मामा लोकेश मिल मजदूर रहे हैं। उनका निधन हो चुका है। परिवार को मिल का रुपया मिलने वाला था। बंटवारे को लेकर विवाद हो रहा था। ओमप्रकाश पूरा रुपया हड़पना चाहते थे।
श्यामलाल ने इस कारण घर में रुकना बंद कर दिया था। परेशान होकर श्यामलाल ने जहर खा लिया। लोगों ने श्यामलाल का वीडियो बनाया और डायल-100 पर काॅल लगाया।
पुलिसकर्मी पहुंचे और पूछताछ करते रहते। उस वक्त श्यामलाल जिंदा थे। एम्बुलेंस-108 आई लेकिन पायलट देख कर चला गया। पुलिसवालों ने भी मानवीयता नहीं दिखाई। जहर की शीशी देखने के बाद भी चले गए। वक्त पर उपचार मिलता तो श्यामलाल की जान बच सकती थी।
बड़े भाई पर आरोप
प्रिंस नगर(बाणगंगा)में आटो चालक श्यामलाल यादव ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। स्वजन ने बड़े ओमप्रकाश पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
श्याम के भानजे अमन यादव के मुताबिक सबसे बड़े मामा का निधन हो चुका है। वो मील में नौकरी करते थे। मील मजदूरों का रुपया मिलने वाला था।
ओमप्रकाश इसको लेकर परेशान कर रहा था। इसी कारण श्यामलाल ने जहर खा लिया।
अमन के मुताबिक जहर खाने के बाद पुलिसवाले आ गए लेकिन उन्होंने अस्पताल नहीं भिजवाया।
एम्बुलेंस वाले भी पूछताछ करते रहे। वक्त पर उपचार मिलता तो श्यामलाल बच जाता।
पुलिसवालों ने उसका वीडियो बनाया लेकिन अस्पताल नहीं ले गए। बेहोशी की अवस्था में भी उससे पूछताछ करते रहते।
