इंदौर में बदमाशों के फैसले बुलंद है अतः पिछले दिनों चाकू बाजी की घटना अंजाम देने के बाद एक आरोपी जेल गया और जब छूट कर बाहर आया , तो जिस जगह पर चाकू बाजी की घटना को अंजाम दिया , उसी जगह पर केक काटकर जश्न मनाया और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए उसके बाद जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए इस पूरे मामले में पुलिस ने आरोपी के साथ ही अन्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें एक बार फिर जेल भेज दिया।
पूरा मामला इंदौर के एमवाय परिसर का है बता दे जेल से छूटकर आए एंबुलेंसकर्मी दीपक वर्मा ने अपने साथियों के साथ मिलकर एमवाय परिसर के अंदर केक काटकर जमकर जश्न मनाया था और उसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए थे फिलहाल जेल से छूटने के बाद जिस तरह से आरोपी ने बेखौफ होकर जश्न मनाया उसके बाद इस पूरे ही मामले में आरोपियों के खिलाफ एक बार फिर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है, बता दे पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर उन्हें एक बार फिर जेल में पहुंचा दिया है , बता दे एमवाय हॉस्पिटल में पिछले दिनों मरीज को एंबुलेंस के माध्यम से दूसरे अस्पताल ले जाने की बात को लेकर अन्य एंबुलेंसकर्मी में विवाद हुआ था उसके बाद एंबुलेंस कर्मी दीपक वर्मा ने अपने साथियों के साथ मिलकर अन्य एंबुलेंस चालक पर चाकू से हमला किया और घटना को अंजाम दिया था उसी के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उसे जेल भेज दिया था जेल से छूटकर वह जैसे ही एमवाय अस्पताल परिसर पहुंचा तो अपने साथियों के साथ मिलकर एमवाय परिसर में ही जश्न मना कर सेलिब्रेट किया और इसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए, उसी के बाद इस पूरे मामले में पुलिस ने कार्रवाई की, वही पूरा ही मामला गेंगवार से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल में एंबुलेंस कर्मियों की दो गैंग सक्रिय है और इन गैंगों में आए दिन मरीज को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाने को लेकर विवाद होते रहते हैं पूर्व में यहां पर गोलीकांड तक की घटना घटित हो चुकी है वहीं एमवाय अस्पताल प्रबंधन ने भी पुलिस को पत्र लिख प्राइवेट एंबुलेंस चालको के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को लेकर बात कही थी लेकिन पूर्व में कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत भी इन एंबुलेंस चालक से सामने आई थी जिसके चलते इन पर कोई सख्त करवाई पुलिस ने नहीं की , जिसके बाद इस पूरे मामले में दीपक ने इस तरह की घटना को अंजाम दिया था और एक बार फिर पूरा मामला सुर्खियों में है तो डीसीपी के साथ ही पुलिस कमिश्नर इस पूरे मामले में अस्पताल परिसर से संचालित होने वाली एंबुलेंस को लेकर कुछ सख्त नियम बना सकते हैं।
